देहरादून: पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण उपजे वैश्विक तेल एवं गैस संकट को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भविष्य की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ‘नई ईवी पॉलिसी’ लागू की जाएगी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और आमजन को आर्थिक राहत पहुँचाना है।
अगली कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव, उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं और इसे आगामी कैबिनेट बैठक में पेश किया जाएगा। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पंजीकरण और रोड टैक्स में आकर्षक छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशनों का राज्यभर में एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य न केवल उपभोक्ताओं को राहत देना है, बल्कि ईवी निर्माण क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।
जीवाश्म ईंधन के सीमित स्रोतों पर चिंता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीवाश्म ईंधन के स्रोत बेहद सीमित हैं और वर्तमान वैश्विक संकट ने हमें भविष्य की चुनौतियों के प्रति सचेत कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में स्थितियां काफी हद तक नियंत्रण में हैं, लेकिन दूरगामी उपायों के रूप में सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना अनिवार्य है। इससे तेल आयात का दबाव कम होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सूचना विभाग में हर शनिवार ‘नो व्हीकल डे’
ऊर्जा संसाधनों की बचत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सरकार ने खुद से पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आदेश जारी किया है कि विभाग में अब प्रत्येक शनिवार को ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। इस दिन अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी वाहनों का प्रयोग नहीं करेंगे। विभाग की इस पहल का उद्देश्य समाज को ऊर्जा संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है।
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