
हल्द्वानी/देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल पर हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ का मामला गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले अमित कुमार खुद विवादों में घिर गए हैं। वाल्मीकि समाज (देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ) ने हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि अमित का वाल्मीकि उपजाति से कोई संबंध नहीं है। जांच के दौरान सीओ हल्द्वानी अमित कुमार ने भी पुष्टि की कि अमित के प्रस्तुत एससी-एसटी प्रमाण पत्र में ‘वाल्मीकि’ दर्ज नहीं है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं, मामले पर तंज कसते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर दलितों के नाम पर महज वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने किया सीएम आवास कूच, मुख्यमंत्री धामी का तीखा पलटवार
मामले के विरोध में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत और करण माहरा ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और दिल्ली में 32 सांसदों के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की बात कही। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के इस आंदोलन को ‘झूठा नैरेटिव’ करार देते हुए तीखा हमला बोला। मुख्य सेवक सदन में मीडिया से बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि रामलीला मैदान में गंदगी और नारेबाज़ी के बाद एक संस्था ने धार्मिक परंपरा के तहत सामान्य सफाई की थी, जिसे कांग्रेस बेवजह दलित अपमान से जोड़कर ‘नाराज फूफा’ की तरह छाती पीट रही है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे में जाति तलाशकर समाज को भड़काना कांग्रेस के डीएनए में है, जिसे जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है।
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