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रुद्रपुर में चर्च के पास कार के नीचे लावारिस छोड़ी गई नवजात बच्ची की मौत; अविवाहित मां, नानी और सहयोगी युवक गिरफ्तार

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रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर स्थित सिंह कॉलोनी में चर्च के पास कार के कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस अमानवीय कृत्य में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें नवजात की 23 वर्षीय अविवाहित मां, उसकी नानी और एक अन्य युवक शामिल हैं। बच्ची का जन्म बिलासपुर के एक अस्पताल में हुआ था, जहां से छुट्टी मिलने के बाद उसे घर ले जाने के बजाय लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था। इलाज के दौरान अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई थी।

क्या था पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, गत 17 अक्टूबर को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि सिंह कॉलोनी में चर्च के पास खड़ी एक कार के नीचे कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल रुद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे एनआईसीयू और बाद में बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया था। तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची की जान नहीं बच सकी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में रुद्रपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 91 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ आरोपियों का खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक बाइक पर सवार दो महिलाओं के साथ एक युवक नजर आया। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने छानबीन करते हुए 19 अक्टूबर को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के आजादनगर से तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
रुद्रपुर के क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नवजात की मां और उसकी नानी (निवासी ट्रांजिट कैंप, ऊधम सिंह नगर) तथा उनका सहयोग करने वाला एक व्यक्ति (निवासी आजादनगर, ट्रांजिट कैंप) शामिल हैं।

बिलासपुर के अस्पताल में हुआ था जन्म, डॉक्टर की सलाह के बाद भी उठाया कदम

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि 16 अक्टूबर की रात बिलासपुर के एक अस्पताल में 23 वर्षीय अविवाहिता ने इस बच्ची को जन्म दिया था। 17 अक्टूबर को अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने के बाद, दोनों महिलाओं ने बच्ची को घर ले जाने के बजाय उक्त युवक की बाइक पर बैठाकर सिंह कॉलोनी में चर्च के पास लावारिस छोड़ दिया था।
पुलिस ने बिलासपुर के संबंधित अस्पताल में भी पड़ताल की, जहां पता चला कि अस्पताल की ओर से बच्ची की तबियत ठीक न होने और उसे बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे छोड़ने का यह कदम उठाया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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