
गाजियाबाद/मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में हुए भीषण कार हादसे ने गाजियाबाद के नेहरू नगर (प्राणगढ़ी) निवासी एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला विधिक व मानसिक जख्म दे दिया है। $500$ मीटर गहरी खाई में कार गिरने से जिन चार लोगों की दर्दनाक मौत हुई, उनमें गाजियाबाद के धर्मवीर की पत्नी सविता ($48$ वर्ष) और उनका इकलौता $19$ वर्षीय बेटा मनीत भी शामिल था। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे प्राणगढ़ी इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के घर पर ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है।
“हम घर के लिए निकल गए हैं…”— आखिरी कॉल के 15 मिनट बाद ही उजड़ गया संसार
शोक संतप्त परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि बुधवार की सुबह करीब 9:00 बजे सविता ने गाजियाबाद में अपने परिवार को फोन किया था। उन्होंने बेहद खुश होकर कहा था कि वे लोग उत्तरकाशी और मसूरी की यात्रा पूरी कर अब घर वापसी के लिए निकल चुके हैं।
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काल बनी अगली सूचना: इस कॉल के कटने के ठीक $15$ मिनट बाद, यानी सुबह करीब 09:16 बजे, परिवार के पास मसूरी पुलिस की तरफ से एक विधिक फोन आया, जिसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी।
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खाई में गिरी कार: पुलिस ने सूचना दी कि उनकी मारुति सिलेरियो कार झड़ीपानी मार्ग पर तीव्र ढलान के दौरान ब्रेक फेल होने से सीधे गहरी खाई में समा गई है और कार सवार चारों लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मन्नत से पैदा हुआ था इकलौता बेटा; देखता था देश सेवा के सपने
नेहरू नगर (प्राणगढ़ी) में रहने वाले धर्मवीर विजयनगर स्थित एक इन्वर्टर-बैटरी की दुकान पर प्राइवेट नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी तीन संतानों में दो बेटियां— भावना ($24$ वर्ष, बीए प्रथम वर्ष की छात्रा) और कनिष्का ($22$ वर्ष, एक मीडिया हाउस में एंकर) हैं।
इन दोनों बहनों के बाद मन्नत और धार्मिक आस्थाओं के बीच पैदा हुआ मनीत ($19$ वर्ष, कक्षा 11वीं का छात्र) परिवार का इकलौता लाडला था। मां सविता अपने इस बेटे को एक पल के लिए भी खुद से दूर नहीं रखती थीं। मनीत बेहद होनहार था और उसका सपना था कि वह बड़ा होकर यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास कर आईपीएस (IPS) अधिकारी बनेगा और देश की सेवा करेगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
रिश्तेदारों के साथ गए थे घूमने; आज गाजियाबाद पहुंचेगा पार्थिव शरीर
विधिक जानकारी के अनुसार, सविता और मनीत मंगलवार की सुबह अपनी मौसी संगीता (निवासी करोलबाग, दिल्ली) और सोनीपत निवासी रिश्तेदारों के साथ मारुति कार से उत्तराखंड घूमने निकले थे। उन्होंने उत्तरकाशी में मां मनसा देवी के दर्शन किए और बुधवार सुबह वापस लौट रहे थे। इसी दौरान धनौल्टी से झड़ीपानी मार्ग पर यह भीषण विधिक हादसा हो गया।
हादसे की विधिक सूचना मिलते ही परिवार के कई मुख्य सदस्य तुरंत शवों की पहचान और विधिक सुपुर्दगी के लिए मसूरी (उत्तराखंड) के लिए रवाना हो गए थे। वहीं, गाजियाबाद स्थित आवास पर बुधवार देर रात तक बूढ़े पिता और दोनों बहनें बदहवास हालत में मां-बेटे के शवों का इंतजार करते रहे। परिजनों के अनुसार, मसूरी जिला प्रशासन द्वारा शवों का पोस्टमार्टम (PM) कराने की विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को दोनों के पार्थिव शरीर गाजियाबाद पहुंचेंगे, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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