देहरादून: राजधानी में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। अपनी मांगों को लेकर पिछले 159 दिनों से प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों के समर्थन में उतरीं उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को पानी की टंकी पर चढ़े हुए 40 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। मंगलवार शाम को माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब ज्योति रौतेला ने टंकी के ऊपर ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर सरकार को आत्मदाह की चेतावनी दे दी। इस घटना के बाद नीचे प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर जाम लगाकर जमकर नारेबाजी की।
सरकार की बेरुखी से बढ़ा आक्रोश
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर का आरोप है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी न तो स्वास्थ्य मंत्री और न ही स्वास्थ्य सचिव आंदोलनकारियों की सुध लेने पहुंचे हैं। विडंबना यह है कि आज ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ होने के बावजूद सरकार इन शिक्षित बेरोजगारों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी से तब तक नीचे नहीं उतरेंगे, जब तक सरकार वर्षवार नियुक्ति की उनकी जायज मांग को पूरा नहीं कर देती। आंदोलनकारी पूजा ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस बीच किसी भी साथी या ज्योति रौतेला को कुछ होता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।
सड़कों पर उतरा नर्सिंग बेरोजगारों का हुजूम
ज्योति रौतेला द्वारा पेट्रोल छिड़के जाने की खबर मिलते ही टंकी के नीचे धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने दून क्लब के सामने सर्वे चौक की ओर जाने वाली सड़क को पूरी तरह बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी आवाज बुलंद करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर मुस्तैद है और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। फिलहाल क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है और सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
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