
बिंदुखत्ता। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को बिंदुखत्ता स्थित शहीद स्मारक में क्षेत्र की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन की शुरुआत की गई। इंडिया एलायंस एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिंदुखत्ता के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने, गौला नदी से प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने तथा नदी के कटाव से बचाव के लिए स्थायी तटबंध निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
क्रमिक अनशन के प्रथम दिन सात लोगों ने अनशन पर बैठकर आंदोलन की शुरुआत की। इनमें राजेंद्र चौहान, कुंदन सिंह मेहता, त्रिलोक सिंह मेहता, बीना जोशी, मीना कपिल, उर्मिला धामी एवं दीपा बिष्ट शामिल रहे।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल ने सभी सातों अनशनकारियों को माला पहनाकर अनशन पर बैठाया और आंदोलन की शुरुआत कराई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसजनों एवं इंडिया गठबंधन से जुड़े अनेक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। इनमें हरेंद्र बोरा, राजेंद्र खनवाल, हेमवती नंदन दुर्गापाल, प्रमोद कॉलोनी, हरीश बिशौती, पुष्कर दानू, भगवान धामी, शंकर जोशी, शेखर जोशी, प्रकाश आर्य, रमेश राणा, लक्ष्मण ढपोला, गिरधर बम, पंकज दानू, गोविंद दानू, इंदर सिंह पनेरी, भुवन जोशी, कैलाश पांडे, किशन बघरी, प्रकाश कापड़ी, रमेश कुमार, राजपाल, राजा धामी, विनय सामंत, अमित जोशी, घनश्याम फुलारा, भुवन पांडे, कुंदन कोरंगा, संध्या डालाकोटी एवं फूला देवी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप बाथियाल भी उपस्थित रहे। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी मोहन कुड़ाई भी मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से लंबित है। क्षेत्रवासियों को भूमि संबंधी अधिकारों और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के लिए राजस्व गांव की अधिसूचना जारी होना आवश्यक है।
वहीं गौला नदी के लगातार कटाव एवं बाढ़ से प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने और भविष्य में इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए मजबूत तटबंध का निर्माण भी आंदोलन की प्रमुख मांग है।
आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
आंदोलन की प्रमुख मांगें:
– बिंदुखत्ता को तत्काल राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए।
– गौला नदी से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
– गौला नदी के कटाव एवं बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए स्थायी तटबंध का निर्माण कराया जाए।
आंदोलनकारियों का स्पष्ट संदेश है कि बिंदुखत्ता को उसका अधिकार मिले और गौला नदी से प्रभावित परिवारों को न्याय एवं स्थायी सुरक्षा मिले।
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