
KDF ने उप जिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा था कि द्रोणासागर परिसर में खड़ा अत्यंत पुराना और सूखा पेड़ कभी भी गिर सकता है, जिससे सुबह-शाम टहलने वाले लोगों, व्यायाम करने वालों और अन्य नागरिकों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी ने सबसे पहले पेड़ के आगे-पीछे बैरिकेडिंग और चेतावनी संबंधी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही वन विभाग की औपचारिकताओं के बीच जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खतरनाक पेड़ को शीघ्र काटने के आदेश भी जारी कर दिए। प्रशासन का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में पेड़ को हटा दिया जाएगा।
काशीपुर डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष राजीव घई ने उप जिलाधिकारी की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बेहतर समन्वय से जनहित के मुद्दों का समय पर समाधान संभव है।
हिमालय प्रहरी लगातार उठा रहा था मुद्दा
द्रोणासागर परिसर में खड़े इस खतरनाक पेड़ को लेकर हिमालय प्रहरी लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहा था। अखबार ने प्रमुखता से बताया था कि यह पेड़ कभी भी बड़ा हादसा करा सकता है। आखिरकार प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
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