सतपुली (पौड़ी गढ़वाल), 29 जून 2026: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ऑल वेदर सड़क निर्माण कार्यों के बीच पौड़ी जनपद से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-534 (NH-534) पर गुमखाल और सतपुली के बीच पहाड़ी से अचानक एक विशालकाय बोल्डर (चट्टान) चलती बोलेरो गाड़ी पर आ गिरा। इस भयावह दुर्घटना में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार दिल्ली निवासी एक पर्यटक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर कटर मशीनों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
दिल्ली से उत्तराखंड घूमने आए थे तीनों दोस्त; रास्ते में बरस काल
प्राप्त आधिकारिक व प्रशासनिक विवरण के अनुसार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल से तीन मित्र बोलेरो वाहन द्वारा उत्तराखंड के पर्वतीय स्थलों पर घूमने के लिए निकले थे। जैसे ही उनका वाहन कोटद्वार से सतपुली की ओर जा रहा था, तभी सतपुली मल्ली के समीप पहाड़ी पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक भारी-भरकम बोल्डर सीधे उनकी गाड़ी की छत को चीरता हुआ भीतर जा गिरा।
हताहतों का विधिक विवरण:
-
मृतक: श्रीकांत (आयु 45 वर्ष), पुत्र माधवन, निवासी- केशवपुरम, दिल्ली (मौके पर ही मृत्यु)।
-
घायल 1: शरणजीत भगवान सिंह (आयु 60 वर्ष), निवासी- जहांगीरपुरी, दिल्ली।
-
घायल 2: उदय (आयु 40 वर्ष), पुत्र रतन, निवासी- पश्चिम बंगाल।
SDRF ने कटर मशीन से वाहन काटकर घायल को सुरक्षित निकाला
चट्टान गिरने की इस भीषण आवाज और हादसे को देखकर मार्ग पर चल रहे अन्य राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक कंट्रोल रूम को दी।
-
त्वरित रेस्क्यू: सूचना पर स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें आपातकालीन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गईं।
-
कटर मशीन का उपयोग: प्रथम घायल (शरणजीत) को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया। वहीं, दूसरे घायल (उदय) का शरीर क्षतिग्रस्त बोलेरो के मलबे और लोहे की चादरों के बीच बुरी तरह फंस गया था। एसडीआरएफ के जवानों ने कटर मशीन की सहायता से बोलेरो के हिस्सों को बेहद सावधानी से काटा और उसे सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया।
हाईवे पर कुछ समय बाधित रहा यातायात; पुलिस जांच में जुटी
इस दर्दनाक हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस और लोक निर्माण विभाग की मशीनों द्वारा सड़क से मलबे और क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर मार्ग को पुनः सुचारू कराया गया।
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मृतक श्रीकांत के शव का विधिक पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और घटना की सूचना दिल्ली स्थित उनके परिजनों को दे दी गई है। घायलों का अस्पताल में सघन विधिक उपचार जारी है। स्थानीय प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा कर रहे पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों और संवेदनशील कगारों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें