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बदरीनाथ यात्रा पर आए तमिलनाडु के श्रद्धालु नंदप्रयाग में अलकनंदा में बहे: पिता का तर्पण कर जल भरते समय हुआ हादसा, सर्च ऑपरेशन जारी

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चमोली/नंदप्रयाग। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के दल के साथ बुधवार (30 सितंबर 2026) की दोपहर एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। बदरीनाथ धाम में अपने दिवंगत पिता का तर्पण करने जा रहे तमिलनाडु के एक 40 वर्षीय श्रद्धालु नंदप्रयाग में पंच प्रयाग संगम पर अलकनंदा नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गए। घटना के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें नदी के तटीय व निचले इलाकों में सघन खोजबीन अभियान चला रही हैं, हालांकि देर शाम तक बहे श्रद्धालु का कोई सुराग नहीं लग सका था।
दिवंगत पिता के तर्पण के बाद माता के लिए जल लेने गए थे नदी तट; पैर फिसलने से हुआ हादसा
नंदप्रयाग पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के सरोजनी ईस्ट (रामनगर) निवासी गुरु प्रसाद (40 वर्ष) पुत्र वेंकट रमन अपनी माता के साथ तमिलनाडु से आए लगभग 60 श्रद्धालुओं के दल में शामिल होकर बदरीनाथ यात्रा पर निकले थे। करीब एक वर्ष पूर्व उनके पिता का निधन हुआ था, जिसकी आत्मशांति के लिए वे संगम पर तर्पण करने पहुंचे थे। बुधवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच नंदाकिनी और अलकनंदा नदी के संगम नंदप्रयाग में पिता का तर्पण पूरा करने के पश्चात गुरु प्रसाद अपनी बुजुर्ग माता के लिए गंगाजल लेने नदी के तट पर गए। इसी दौरान अचानक पत्थर से पैर फिसल जाने के कारण वे संतुलन खो बैठे और अलकनंदा के उफान मारते तेज बहाव में जा गिरे।
112 पर मिली सूचना के बाद पुलिस व SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
प्रत्यक्षदर्शियों और साथी यात्रियों ने तत्काल आपातकालीन नंबर 112 के माध्यम से पुलिस को घटना की सूचना दी। नंदप्रयाग चौकी प्रभारी संपूर्णानंद जुयाल के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और नदी किनारे सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और नदी की तेज रफ्तार को देखते हुए निचले क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। लापता श्रद्धालु की तलाश में अभियान लगातार जारी है। वहीं, साथ आए अन्य श्रद्धालुओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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