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राजनीतिक बयानबाजी ने लिया कानूनी मोड़, विधायक आदेश चौहान पर पूर्व विधायक डॉ. सिंघल ने ठोका मानहानि का मुकदमा

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सोशल मीडिया वीडियो में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, नोटिस के बाद भी बात नहीं बनी तो अदालत पहुंचे पूर्व विधायक; जसपुर कोर्ट में मामला विचाराधीन

 

राजू अनेजा, काशीपुर/जसपुर। जसपुर की सियासत में पिछले कुछ समय से जारी जुबानी जंग अब अदालत की चौखट तक पहुंच गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी को लेकर न्यायालय में आपराधिक परिवाद दायर किया है। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू.डि.) जसपुर की अदालत में विचाराधीन है।

परिवाद में डॉ. सिंघल ने आरोप लगाया है कि 19 अप्रैल 2026 को विधायक आदेश सिंह चौहान द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक वीडियो में उनके दिवंगत पिता स्व. हरगोविंद प्रसाद सिंघल के संबंध में कथित रूप से निराधार, अपमानजनक और मानहानिकारक आरोप लगाए गए। उनका कहना है कि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को गंभीर ठेस पहुंची।

डॉ. सिंघल का कहना है कि मामले को अदालत तक ले जाने से पहले उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। 15 मई 2026 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से विधायक आदेश सिंह चौहान को विधिक नोटिस भेजा गया। नोटिस में कथित आपत्तिजनक वीडियो हटाने और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की गई थी। आरोप है कि निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद न तो वीडियो हटाया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। इसके बाद उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 के तहत आपराधिक परिवाद दायर किया।

न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार यह मामला क्रिमिनल केस संख्या 303/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया परिवाद को विचारणीय मानते हुए विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू.डि.) जसपुर की अदालत में चल रही है।

गौरतलब है कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है। इसलिए परिवाद में लगाए गए आरोपों पर अभी कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं निकला है। विधायक आदेश सिंह चौहान का पक्ष भी न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा और दोनों पक्षों के तर्क एवं साक्ष्यों के आधार पर अदालत आगे का निर्णय करेगी।

जसपुर की राजनीति में इस कानूनी कार्रवाई को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस मामले की चर्चा तेज है, क्योंकि अब तक सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों तक सीमित आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई अदालत तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी दोनों क्षेत्रों की नजर रहेगी।

 

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