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देहरादून में स्मार्ट पार्किंग ऐप लाने की तैयारी: रियल-टाइम स्पेस दिखेगा, होटल की तरह एडवांस बुकिंग की भी मिलेगी सुविधा

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देहरादून। उत्तराखंड में हर साल लाखों की संख्या में पहुंचने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को अब वाहनों की पार्किंग के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। प्रदेश में पार्किंग की गंभीर होती समस्या और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग एक समर्पित राज्यस्तरीय ‘स्मार्ट पार्किंग मोबाइल ऐप’ (Smart Parking App) तैयार कर रहा है। इस ऐप के जरिए वाहन चालकों को रियल-टाइम में यह पता चल सकेगा कि किस पार्किंग में कितना स्थान खाली है। इतना ही नहीं, जैसे पर्यटक अपने ठहरने के लिए होटल बुक करते हैं, ठीक उसी तर्ज पर अब पार्किंग स्पेस की प्री-बुकिंग (Pre-booking) भी की जा सकेगी। परिवहन विभाग इसे शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत देहरादून जिले में लागू करने जा रहा है।

स्मार्ट नेविगेशन और प्री-बुकिंग जैसी सुविधाओं से लैस होगा ऐप

परिवहन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे इस ऐप में वाहन चालकों की सुविधा के लिए आधुनिक फीचर्स शामिल किए जाएंगे। इसके माध्यम से चालकों को रियल-टाइम पार्किंग स्पेस उपलब्धता, अग्रिम बुकिंग (Pre-booking) और जीपीएस नेविगेशन (GPS Navigation) जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यदि कोई निर्दिष्ट पार्किंग स्थल पूरी तरह भर जाता है, तो ऐप तुरंत चालक को सबसे नजदीकी विकल्प का सुझाव देगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अगले दो से तीन महीनों में ऐप तैयार कर देहरादून में इसका संचालन शुरू करने की योजना है। इसके सफल रिस्पॉन्स के मूल्यांकन के बाद इसे हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी, नैनीताल और चारधाम यात्रा मार्गों जैसे भारी दबाव वाले क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।

‘mPark’ के अनुभवों से सीख लेकर व्यापक स्तर पर हो रही तैयारी

उल्लेखनीय है कि देहरादून में पूर्व में एमडीडीए (MDDA) और देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ‘mPark’ ऐप के जरिए 27 स्थानों पर ऐप-बेस्ड पार्किंग शुरू की गई थी। हालांकि, तकनीकी व व्यवहार्य कारणों से वह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी और पार्किंग का संचालन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की पुरानी तर्ज पर ही चलता रहा। अब परिवहन विभाग उन पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अधिक व्यापक, व्यावहारिक और एकीकृत पार्किंग ऐप बना रहा है। इस कदम से शहरों में अवैध पार्किंग, बेवजह घूमने से होने वाले ट्रैफिक कंजेशन और नो-पार्किंग चालान जैसी समस्याओं में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।

अपर परिवहन आयुक्त का बयान: जल्द निकलेंगे टेंडर, बनेगी नई पॉलिसी

मामले में जानकारी देते हुए अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि, “एक समर्पित पार्किंग ऐप तैयार किया जा रहा है, जिसे देहरादून जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उतारा जाएगा। ऐप डेवलपमेंट के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हमारी कोशिश यह होगी कि शहर के सभी सरकारी और निजी (Private) पार्किंग स्थलों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि, “परिवहन विभाग पार्किंग को लेकर एक नई पॉलिसी भी बना रहा है, ताकि निजी क्षेत्र में पार्किंग बनाने के इच्छुक लोगों के लिए स्पष्ट प्रावधान किए जा सकें और पार्किंग शुल्क (Parking Rates) का उचित नियमन (Regulation) हो सके। देहरादून में सफलता के बाद इस मॉडल को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।”
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