काशीपुर: उत्तराखंड के काशीपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक 70 वर्षीय वृद्ध की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उनके परिजनों ने घर के अंदर ही कब्र खोद डाली। हालांकि, प्रशासन के हस्तक्षेप और पुलिस की समझाइश के बाद शव को पारंपरिक तरीके से कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
🏠 घर में दफनाने की थी ‘आखिरी ख्वाहिश’
मामला मोहल्ला नई बस्ती का है, जहाँ अबरार नूरी (70 वर्ष) का लंबी बीमारी के बाद रविवार को इंतकाल हो गया था। परिजनों के अनुसार, अबरार नूरी ने अपनी वसीयत या अंतिम इच्छा के तौर पर यह इच्छा जाहिर की थी कि उनके निधन के बाद उन्हें बाहर कहीं ले जाने के बजाय उनके अपने ही घर के अंदर दफनाया जाए।
⛏️ परिजनों ने शुरू कर दी थी खुदाई
अपने बुजुर्ग की आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए सोमवार शाम को परिजनों ने घर के एक कमरे में कब्र खोदना शुरू कर दिया। जैसे ही यह खबर स्थानीय प्रशासन तक पहुँची, क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस टीम को मौके पर भेजा।
👮 पुलिस की समझाइश और कानूनी पेच
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और परिजनों को कानून व स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी।
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तर्क: पुलिस ने समझाया कि रिहायशी मकान के अंदर शव का अंतिम संस्कार या दफन करना कानूनी रूप से उचित नहीं है और इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित कब्रिस्तान ही एकमात्र स्थान है।
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सहमति: लंबी वार्ता के बाद परिजन पुलिस की बात मान गए और घर के अंदर खोदी गई कब्र को बंद कर दिया गया।
✨ कब्रिस्तान में हुए सुपुर्द-ए-खाक
प्रशासन के समझाने पर परिवार ने अपनी जिद छोड़ी और शव को विधि-विधान के साथ स्थानीय कब्रिस्तान ले जाया गया, जहाँ उन्हें दफनाया गया। पुलिस और प्रशासन की सूझबूझ से एक बड़ी कानूनी अड़चन और आसपास के लोगों में फैल रहे असमंजस को समय रहते टाल दिया गया।
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