देहरादून: राजधानी में जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर कांवली रोड स्थित गोयल डेयरी पर किए गए औचक निरीक्षण में बेहद चौंकाने वाली और घृणित अनियमितताएं सामने आई हैं।
🪳 निरीक्षण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी और खाद्य विभाग की टीम ने जब डेयरी के भीतर जांच की, तो वहां गंदगी का अंबार मिला:
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दूध व दही की हालत: दही में बाल, रेशे, मिट्टी और कॉकरोच के मृत बच्चे तैरते हुए मिले। दूध की सतह पर मरे हुए मच्छर, बाल और गंदगी पाई गई।
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भंडारण में लापरवाही: दही को गंदी बोरियों से ढककर रखा गया था और दूध को बिना छाने ही सीधा उपयोग में लाया जा रहा था।
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पनीर की गुणवत्ता: मौके पर मौजूद पनीर अस्वाभाविक रूप से काफी सख्त पाया गया।
⚖️ मौके पर कार्रवाई और सख्त चेतावनी
गंदगी और लापरवाही को देखते हुए टीम ने तत्काल कड़े कदम उठाए:
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माल नष्ट: मौके पर मिले लगभग 25 किलो दूषित दही को तुरंत नष्ट करवा दिया गया।
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सैंपलिंग: दूध, दही, पनीर और मावा के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच (Lab Test) के लिए भेज दिए गए हैं।
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नोटिस: फर्म के मालिक आशीष गोयल को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुधार न होने पर लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🚐 फूड सेफ्टी ऑन व्हील: मोबाइल लैब से जांच
निरीक्षण से पहले टीम ने रेसकोर्स स्थित गुरु गोविंद सिंह चौक पर संचालित ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ वाहन का जायजा लिया:
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यह भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई एक मोबाइल लैब है, जो चार दिनों के लिए देहरादून में है।
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जांच रिपोर्ट: पिछले तीन दिनों में जांचे गए सैंपलों में मसालों में स्टार्च की मिलावट और दूध में फैट की कमी पाई गई है। राहत की बात यह रही कि किसी भी सैंपल में यूरिया नहीं मिला।
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