रायवाला: जैव विविधता से संपन्न राजाजी टाइगर रिजर्व (Rajaji Tiger Reserve) के पर्यटक रेंजों के गेट शनिवार (15 नवंबर) सुबह सात बजे से सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। पार्क प्रशासन ने मेहमानों के स्वागत के लिए गेटों को आकर्षक ढंग से सजाया था।
🦁 सफारी सीजन का विवरण
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शुभारंभ: मोतीचूर में सुबह सात बजे वन क्षेत्राधिकारी महेश सेमवाल ने रिबन काटकर पर्यटक सीजन की शुरुआत की।
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स्वागत: इस दौरान आए पर्यटकों का तिलक व फूलमाला भेंटकर स्वागत किया गया।
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सफारी अवधि: राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट प्रतिवर्ष 15 नवंबर को खोले जाते हैं। अब सैलानी करीब छह माह यानी 15 जून तक जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे।
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पसंदीदा रेंज: चीला व मोतीचूर रेंज पर्यटकों की सबसे पसंदीदा रेंज हैं, जहाँ बड़ी संख्या में वन्यजीव मौजूद हैं।
🐘 पार्क की विशेषताएँ
राजाजी टाइगर रिजर्व प्राकृतिक सुंदरता और विभिन्न तरह के वन्यजीवों की दुनिया से संपन्न है:
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प्रमुख वन्यजीव: एशियाई हाथी, बाघ, गुलदार, हिरण, चीतल, सांभर, मोर और कई लुप्त होती प्रजाति के वन्य जीव व पक्षी।
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टाइगर की उपस्थिति: यह पार्क मुख्य रूप से हाथी संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब यहाँ टाइगर भी अच्छी संख्या में मौजूद हैं।
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विशेष आकर्षण: मोतीचूर रेंज में कार्बेट टाइगर रिजर्व से शिफ्ट कराए गए पाँच बाघों को भी देखा जा सकता है।
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⚠️ पार्क में प्रवेश नियम
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डग्गामार वाहनों पर रोक: पर्यटकों की जान से खिलवाड़ करने वाले डग्गामार वाहनों को पार्क में जाने की अनुमति नहीं होगी।
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वाहन रजिस्ट्रेशन: केवल टैक्सी नंबर के रजिस्टर्ड वाहन ही पर्यटकों को पार्क के भीतर ले जा सकेंगे। वाहनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
💸 प्रवेश शुल्क (बीते वर्ष की भांति)
| श्रेणी | शुल्क (भारतीय) | शुल्क (विदेशी) |
| पर्यटक प्रवेश शुल्क | ₹150 | ₹600 |
| वाहन प्रवेश शुल्क | ₹250 | ₹500 |
| वन विश्राम भवन (एक रात्रि) | ₹1,000 | – |
| डिजिटल व्यवसायिक कैमरा शुल्क | ₹500 | – |
| वृत्त चित्र निर्माण | ₹10,000 | – |
| फीचर फिल्म निर्माण | ₹1,00,000 | – |
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नोट: छात्रों के लिए आधा शुल्क माफ होगा।
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