
राजू अनेजा,रुद्रपुर। कांग्रेस में एंट्री की सुगबुगाहट के बीच रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर सियासी संकट गहराता जा रहा है। रुद्रपुर की पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा के कोतवाली में धरने पर बैठने से ठीक पहले ही पुलिस ने ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, जिससे पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
मंगलवार को इसके बावजूद मीना शर्मा दर्जनों महिलाओं के साथ कोतवाली पहुंचीं और धरना देकर यह साफ कर दिया कि यह लड़ाई सिर्फ एफआईआर तक सीमित नहीं है। मामला उस वायरल ऑडियो से जुड़ा है, जिसने करीब एक साल पहले शहर की राजनीति में खलबली मचा दी थी, लेकिन तब इसे कथित तौर पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
मीना शर्मा का आरोप है कि वायरल ऑडियो में आवाज पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की है, जिसमें उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले शब्द सुने गए, साथ ही चरित्र पर गंभीर लांछन लगाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले की शिकायत एक साल पहले ही पुलिस को दी जा चुकी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? किसके दबाव में मामला दबा रहा?
पूर्व पालिकाध्यक्ष ने सीधे तौर पर राजनीतिक रसूख की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने महिला आयोग तक भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी न्याय की बजाय निराशा हाथ लगी।
मीना शर्मा ने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह ऑडियो एआई या डीपफेक तकनीक से तैयार किया गया है, तो यह गंभीर साइबर अपराध है और इसकी फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह आंदोलन सड़कों से निकलकर प्रदेश स्तर तक जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले ठुकराल पर केस दर्ज होना सिर्फ संयोग नहीं माना जा रहा। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह केवल महिला सम्मान का मामला है या इसके पीछे बदलती सियासी चाल भी काम कर रही है?
फिलहाल कोतवाली में महिलाओं का धरना, दर्ज हुआ मुकदमा और बढ़ता राजनीतिक दबाव—तीनों मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि यह मामला अब फाइलों में दबने वाला नहीं, बल्कि रुद्रपुर की राजनीति में लंबी लड़ाई का रूप लेने जा रहा है।