
राजू अनेजा, काशीपुर। रामनगर–काशीपुर फोरलेन निर्माण की राह में वर्षों से खड़ी सबसे बड़ी बाधा आखिरकार हट गई है। वर्ष 2023 में स्वीकृत इस बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि वन भूमि हस्तांतरण का फाइनल प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। संकेत साफ हैं—अब फोरलेन का काम रफ्तार पकड़ेगा।
एनएच हल्द्वानी खंड ने 13.5 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ा पूरा डाटा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। उधर, 18.265 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए नौ गांवों की 4.7241 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण भी निपटा दिया गया है। अगले सप्ताह से प्रभावित भूमि स्वामियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
400 से ज्यादा परिवार होंगे प्रभावित, नोटिस होंगे जारी
फोरलेन की जद में आने वाले पीपलसाना, हिम्मतपुर ब्लॉक, पीरूमदारा, गंगापुर पहाड़ी, बसई, टांडा मल्लू, चिल्किया, नया गांव चौहान और नया गांव तेलीपुरा गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। चौड़ीकरण से करीब 400 परिवारों के मकान, दुकानें और खेती प्रभावित होंगी। प्रशासन अगले हफ्ते मुआवजे के नोटिस जारी करेगा।
34 हजार पेड़ों पर चलेगी आरी, अतिक्रमण भी हटेंगे
एनएच-121 (नई संख्या 309) के चौड़ीकरण में अनुमानित 34 हजार से अधिक पेड़ों के कटान की आशंका है। अंतिम आंकड़ा वन मंत्रालय की स्वीकृति के बाद तय होगा। इसके साथ ही सड़क किनारे जमे सैकड़ों अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे, जिससे परियोजना का दायरा साफ हो सके।
मंजूरी मिलते ही मशीनें उतरेंगी
एनएच हल्द्वानी खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष ने बताया कि वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही केंद्र से स्वीकृति मिलेगी, निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू कर दिया जाएगा।
60 दिन में मुआवजा नहीं लिया तो भूमि स्वतः अधिग्रहित
सक्षम प्राधिकारी भूमि अधिग्रहण एवं एडीएम वित्त नैनीताल शैलेंद्र नेगी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित 60 दिनों में मुआवजा न लेने की स्थिति में भूमि को स्वतः अधिग्रहित माना जाएगा। रामनगर–काशीपुर फोरलेन के साथ ही काठगोदाम–नैनीताल टू-लेन मार्ग के लिए भी अधिग्रहण अंतिम चरण में है।