
काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व वाले गोविषाण टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की जा रही खोदाई में ईंटों से निर्मित एक रहस्यमयी गोलाकार संरचना मिली है। कुएं जैसी प्रतीत होने वाली लगभग 10-11 फीट गहरी और 5-7 फीट व्यास वाली यह संरचना प्रारंभिक अवलोकन में गुप्त या कुषाण काल की मानी जा रही है। ASI के महानिदेशक वाईएस रावत के निर्देशों पर देहरादून मंडल ने बीते 16 जुलाई को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की मौजूदगी में यहां खोदाई शुरू कराई थी। इस नई खोज के बाद से पुरातत्वविदों और स्थानीय लोगों में क्षेत्र के प्राचीन पुरातात्विक इतिहास को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है।
महाभारत और हर्षवर्धन काल से जुड़ा है 90 एकड़ में फैला ‘द्रोण का किला’, मानसून के कारण पन्नी से ढका गया ढांचा
‘द्रोण का किला’ नाम से प्रसिद्ध और 90 एकड़ में फैले इस संरक्षित स्थल का ऐतिहासिक महत्व महाभारत कालीन उज्जैनी नगरी से लेकर चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांतों तक मिलता है। ASI देहरादून के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. एम.सी. जोशी ने बताया कि बारिश और जलभराव से बचाने के लिए मिली हुई संरचना को फिलहाल पन्नी और मिट्टी से सुरक्षित ढक दिया गया है, जिसे मानसून के बाद अक्टूबर माह में पुनः खोदाई शुरू कर खोला जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सटीक कालखंड का निर्धारण आगे मिलने वाली कलाकृतियों और वैज्ञानिक अध्ययनों के बाद ही होगा। इससे पूर्व 1963-64 की खोदाई में भी यहां से गुप्तकालीन दीवारें, तांबे के सिक्के और प्राचीन मूर्तियां मिल चुकी हैं।