
(फोटो परिचय : बिंदुखत्ता के इंद्रानगर एवं आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को घर-घर जाकर राशन कार्डों का भौतिक व विधिक सत्यापन करती प्रशासनिक टीम।)
लालकुआं: सरकारी खाद्यान्न योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिंदुखत्ता क्षेत्र में सघन राशन कार्ड सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को इंद्रानगर-प्रथम, इंद्रानगर-द्वितीय, 25 एकड़, बंगाली कॉलोनी और शास्त्री नगर में प्रशासनिक टीमों ने घर-घर जाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 461 राशन कार्डों की विधिक जांच की गई, जिसमें से 56 सफेद और पीले राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए। अपात्र पाए गए सभी कार्डधारकों के खिलाफ खाद्य पूर्ति विभाग द्वारा विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चार प्रशासनिक टीमें कर रही हैं सत्यापन; 3 दिनों में 1,698 कार्डों की विधिक जांच
यह पूरा अभियान उपजिलाधिकारी (न्यायिक) एवं नोडल अधिकारी रेखा कोहली के कुशल निर्देशन में चलाया जा रहा है।
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घर-घर दस्तक: नोडल अधिकारी के निर्देश पर गठित चार अलग-अलग प्रशासनिक टीमें लगातार क्षेत्र में मुस्तैद हैं और घर-घर जाकर राशन कार्डों का भौतिक और विधिक सत्यापन कर रही हैं।
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बड़ा आंकड़ा: बिंदुखत्ता क्षेत्र में पिछले तीन दिनों के भीतर अब तक कुल 1,698 राशन कार्डों की विधिक जांच पूरी की जा चुकी है, जिनमें से अब तक कुल 168 कार्डधारक अपात्र चिन्हित किए जा चुके हैं।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों और निजी व्यवसायों से जुड़े लोग भी ले रहे थे मुफ्त राशन
विभागीय जांच के दौरान कई चौंकाने वाले विधिक तथ्य सामने आए हैं। जांच टीमों को धरातल पर ऐसे कई संपन्न परिवार चिन्हित हुए हैं, जिनके सदस्य नामी निजी कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों अथवा अन्य बड़े निजी व्यवसायों से जुड़े हैं और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। इसके बावजूद ये परिवार विधिक नियमों को ताक पर रखकर लंबे समय से अंत्योदय (पीले) और प्राथमिक परिवार (सफेद) सरकारी राशन योजना का अवैध लाभ उठा रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि संपूर्ण सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सभी अपात्र राशन कार्डों को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा और नियमानुसार विधिक वसूली व अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
विभागीय अपील: अपात्र लोग स्वेच्छा से जमा करें राशन कार्ड, वरना होगी विधिक कार्रवाई
मामले की विधिक प्रगति की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय खाद्य पूर्ति निरीक्षक मोहित कठायत ने बताया कि प्रशासन की कड़ाई के बाद अब क्षेत्र के राशन विक्रेताओं (डीलेरों) के माध्यम से कई संपन्न परिवार स्वेच्छा से अपने सफेद एवं पीले राशन कार्ड विभाग को सरेंडर (जमा) करा रहे हैं।
“जो परिवार पूर्व में निर्धारित पात्रता की विधिक श्रेणी से अब बाहर हो चुके हैं और आर्थिक रूप से संपन्न हैं, वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए स्वयं आगे आकर अपने अपात्र राशन कार्ड विभाग में जमा करा दें। यदि प्रशासनिक टीमों के भौतिक सत्यापन में कोई परिवार जानबूझकर तथ्यों को छुपाकर अपात्र पाया जाता है, तो उसके राशन कार्ड को विधिक रूप से निरस्त करने के साथ-साथ उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— मोहित कठायत, क्षेत्रीय खाद्य पूर्ति निरीक्षक
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