रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर), 23 जून 2026: रुद्रपुर के एक नामचीन निजी स्कूल को प्रबंधन द्वारा अचानक बंद किए जाने के फैसले के बाद सैकड़ों अभिभावकों और छात्रों के सामने गहरा शैक्षणिक संकट खड़ा हो गया है। स्कूल प्रशासन द्वारा ईमेल के जरिए विद्यालय बंद करने की सूचना दिए जाने से आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल परिसर पहुंचकर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रबंधन द्वारा तैनात किए गए बाउंसरों को उग्र अभिभावकों ने परिसर से बाहर खदेड़ दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
18 जून को ईमेल भेजकर दी सूचना; 360 छात्रों का भविष्य अधर में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बीते १८ जून २०२६ को अचानक छात्रों की आधिकारिक आईडी पर ईमेल भेजकर विद्यालय को बंद करने की सूचना प्रसारित की थी।
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परेशानी में अभिभावक: शैक्षणिक सत्र के बीच में अचानक लिए गए इस फैसले से वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत लगभग ३६० छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
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आर्थिक व मानसिक संकट: प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का विधिक व व्यावहारिक आरोप है कि उन्होंने बच्चों की मोटी फीस जमा की है। अब अचानक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और बीच सत्र में दूसरे विद्यालयों में दाखिला (Admission) दिलाने में भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बाउंसरों की तैनाती पर और भड़का गुस्सा; ऑनलाइन क्लास की विधिक मांग
अभिभावकों के भारी विरोध को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से परिसर में निजी बाउंसर तैनात कर दिए थे। हालांकि, बाउंसरों की मौजूदगी ने आग में घी का काम किया:
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बाउंसरों को खदेड़ा: अभिभावकों ने इसे अपनी आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश करार देते हुए तीखा विरोध जताया और बाउंसरों को परिसर से बाहर जाने पर विधिक रूप से मजबूर कर दिया।
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वैकल्पिक मार्ग की मांग: हंगामे के बीच पहुंची पुलिस के सामने अभिभावकों ने मांग रखी कि यदि स्कूल भवन वास्तव में असुरक्षित है, तो बच्चों का साल खराब होने से बचाने के लिए प्रबंधन को तत्काल ऑनलाइन कक्षाओं (Online Classes) का विधिक विकल्प शुरू करना चाहिए।
भवन का स्ट्रक्चर जर्जर, बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: प्रबंधन
दूसरी ओर, उपजे विवाद और विधिक चिंताओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए स्कूल प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिनिधि चित्रा शर्मा ने बताया:
“हाल ही में हुए तकनीकी निरीक्षण (Technical Inspection) में स्कूल भवन का मुख्य स्ट्रक्चर असुरक्षित पाया गया है। बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ही विद्यालय को तत्काल प्रभाव से बंद करने का यह विधिक व कठिन निर्णय लिया गया है।”
उन्होंने आगे आश्वस्त किया कि प्रबंधन बच्चों के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और शहर के अन्य विभिन्न स्कूलों के साथ आधिकारिक बातचीत की जा चुकी है। सभी पीड़ित छात्रों को अन्य विद्यालयों में विधिक रूप से समायोजित (Adjust) कराने की प्रक्रिया जारी है, ताकि किसी भी बच्चे को शैक्षणिक हानि न उठानी पड़े। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों को विधिक वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।
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