
इन पवित्र स्थलों पर ही पांडव हत्याओं के पाप से मुक्त हुए। यहां रूठी हुई मां लक्ष्मी को भगवान विष्णु तपस्या करते मिले। यहीं आदि शंकराचार्य के पावन चरण पड़े। यहीं पूरी दुनिया से सत्य के शोधार्थी अपनी आध्यात्मिक अभीप्सा की खोज में आते हैं। ऐसे दिव्य धाम की सेवा से मेरी पीढ़ियां धन्य होंगी।
श्री बद्री केदार मंदिर समिति के सेवक के रूप में यह अवसर बिना प्रभु की आशीष छाया के मिल ही नहीं सकता। बद्री-केदार के युगल चरणों की वंदना करते हुए हृदय की गहराइयों से अपने राष्ट्रीय नेतृत्व व माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ,प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ,प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार , गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का आभार व्यक्त करता हूं। संगठन के उन तमाम पदाधिकारियों का भी आभार जिन्होंने यह महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मुझे सौंपी है। बाबा केदार और भगवान बद्री नारायण, माता भगवती, सभी देवी देवताओं, पितरों, माता-पिता के आशीर्वाद से जो सेवा का अवसर मिला है, इसके लिए मैं हमेशा प्रतिबद्ध रहूँगा।