
लालकुआं/हल्द्वानी। ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय के हल्द्वानी परिसर में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयाम’ विषय पर आयोजित सात दिवसीय गहन शिक्षण कार्यक्रम का सफलता के साथ समापन हो गया। समापन समारोह के दौरान अकादमिक मानक पूरे करने वाले 300 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सात दिनों तक चले इस विशेष आयोजन में संवादात्मक सत्रों, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यानों, व्यावहारिक कार्यशालाओं और परियोजना-आधारित गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के संदर्भ में समझने का अवसर मिला।
भविष्य के नवाचार की नींव है भारतीय ज्ञान परंपरा, वृहद शोध और पेटेंट कराने पर रहेगा जोर
कार्यक्रम के समापन पर परिसर निदेशक डॉ. एम. सी. लोहानी ने छात्र-छात्राओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा भविष्य के नवाचार और सतत विकास की मजबूत नींव है तथा हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़कर उज्ज्वल भविष्य गढ़ने के लिए तत्पर है। वहीं, कार्यक्रम के मुख्य संयोजक सहायक प्राध्यापक संदीप अभिषेक ने कहा कि इस गहन शिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि एक परिणाम-उन्मुख मंच प्रदान करना था। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का दीर्घकालिक लक्ष्य इस क्षेत्र में वृहद शोध परियोजनाओं को आकर्षित करना और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित नवीन बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) दर्ज कराना है।