
राजू अनेजा, काशीपुर।सुदामा पुरी शक्ति नगर में इस बार होलिका दहन का आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भक्ति का विराट उत्सव बन गया। महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक रूप से संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिसके बाद भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ।
ढोलक, मंजीरे और झांझ की थाप पर गूंजते भजनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। श्रद्धालु भक्ति रस में ऐसे झूमे कि माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। “जय श्रीराम” और “बजरंगबली की जय” के उद्घोष से वातावरण गूंजता रहा।
इसके पश्चात विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। अग्निकुंड की लपटों के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण हुआ और फूलों व गुलाल से होली खेलकर आपसी प्रेम और भाईचारे की मिसाल पेश की गई।
प्रमुख समाजसेवी सुरेंद्र छाबड़ा ने क्षेत्रवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को जीवित रखने का कार्य करते हैं।
सुदामा पुरी शक्ति नगर का यह आयोजन भक्ति, परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक बनकर देर रात तक लोगों के मन में उल्लास और आस्था का रंग भरता रहा।