विकासनगर/हरबर्टपुर (23 मार्च 2026): सहसपुर के बैरागीवाला गांव की एक 25 वर्षीय महिला की मौत के बाद हरबर्टपुर के एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजनों को अंधेरे में रखकर उन्हें मृत देह के साथ अस्पतालों के चक्कर लगवाने का यह मामला अब तूल पकड़ चुका है।
1. उम्मीद और धोखे का 20 किलोमीटर का सफर
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तबीयत बिगड़ना: रविवार को महिला की तबीयत अचानक खराब हुई, जिसके बाद परिजन उसे हरबर्टपुर के निजी अस्पताल ले गए।
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अस्पताल का ‘खेल’: आरोप है कि अस्पताल ने महिला की मौत की पुष्टि पुलिस को तो कर दी (मेमो भेज दिया), लेकिन परिजनों को यह नहीं बताया। इसके बजाय उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर वहां से भेज दिया।
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दर-दर की ठोकरें: चमत्कार की उम्मीद में बिलखते परिजन मृत महिला को लेकर तीन अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर काटते रहे। अंत में झाझरा स्थित एक अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें कड़वा सच बताया कि महिला की मौत काफी समय पहले ही हो चुकी है।
2. पुलिस को सूचना, परिजनों को ‘झांसा’
इस मामले का सबसे आपत्तिजनक पहलू यह है कि जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, तो वहां पुलिस पहले से मौजूद थी।
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सवाल: अगर अस्पताल ने कानूनी औपचारिकता पूरी करते हुए पुलिस को ‘डेथ मेमो’ भेज दिया था, तो परिजनों को यह क्यों कहा गया कि वे मरीज को कहीं और ले जाएं?
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लापरवाही: इसी सूचना के अभाव में परिवार घंटों तक अपनी मृत बहू को ‘जिंदा’ समझकर एम्बुलेंस में भटकता रहा।
3. ढाई घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा और ग्रामीणों का आक्रोश
रविवार शाम को जब पुलिस पोस्टमार्टम के लिए गांव पहुंची, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई:
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विरोध: पूर्व ब्लॉक प्रमुख जसविंदर सिंह बिट्टू और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया और पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया।
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प्रशासनिक दखल: नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी और अन्य अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद, एसडीएम की विशेष अनुमति से बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सौंपा गया।
4. जांच और कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है:
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प्रथम दृष्टया दोषी: नायब तहसीलदार ने माना कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से बड़ी चूक हुई है। जब मौत हो चुकी थी, तो शव को ‘रेफर’ करने या परिजनों को गुमराह करने का कोई विधिक आधार नहीं था।
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रिपोर्ट: एसडीएम विकासनगर को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन जल्द ही संबंधित निजी अस्पताल को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई कर सकता है।
Snapshot: विकासनगर अस्पताल लापरवाही मामला
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | हरबर्टपुर (निजी अस्पताल) और बैरागीवाला गांव |
| पीड़ित | 25 वर्षीय महिला और उसका परिवार |
| मुख्य आरोप | मौत छिपाना, पुलिस को मेमो भेजना पर परिजनों को न बताना |
| दूरी तय की | 20 किमी (तीन अस्पतालों के चक्कर) |
| प्रशासनिक रुख | एसडीएम को रिपोर्ट प्रेषित, सख्त जांच के आदेश |
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