हल्द्वानी (17 मार्च 2026): शीशमहल क्षेत्र में सोमवार देर रात कुदरत का कहर देखने को मिला। आंधी के कारण पास के स्कूल की लगभग 10 फीट ऊंची दीवार पास की एक झोपड़ी पर भरभरा कर गिर गई, जिसमें राकेश मौर्या का पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया।
1. रात का मंजर और रेस्क्यू
हादसे के समय परिवार गहरी नींद में था। पीड़ित राकेश मौर्या ने बताया कि दीवार झोपड़ी के उस हिस्से पर गिरी जहां उनके वृद्ध पिता, भाई, भाभी और मासूम बच्ची सो रहे थे:
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दबे हुए सदस्य: बाबू राम (62), करन पाल (30), धीरज (28), विमला और 6 माह की बच्ची।
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जनता की मुस्तैदी: चीख-पुकार सुनकर आसपास के 30 से 40 पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला।
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आपातकालीन मदद: 108 सेवा के माध्यम से सभी को तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) पहुंचाया गया।
2. घायलों की स्थिति
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धीरज (28 वर्ष): इस हादसे में धीरज को सबसे गंभीर चोटें आईं। उनके सिर पर 24 टांके लगाने पड़े हैं।
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अन्य सदस्य: गनीमत रही कि 6 माह की बच्ची और परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
3. वीआईपी दौरा और सहायता की गुहार
मंगलवार को घायलों का हाल जानने के लिए वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंचे:
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उपस्थिति: पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को उचित उपचार के निर्देश दिए।
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आर्थिक संकट: पीड़ित परिवार ने दुख जताते हुए कहा कि अभी तक प्रशासन की ओर से उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। झोपड़ी तबाह होने के बाद अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
Snapshot: शीशमहल दीवार हादसा
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | शीशमहल क्षेत्र, हल्द्वानी |
| कारण | तेज आंधी से स्कूल की 10 फीट ऊंची दीवार गिरना |
| पीड़ित परिवार | राकेश मौर्या का परिवार (5 सदस्य) |
| गंभीर घायल | धीरज (सिर पर 24 टांके) |
| राहत | सभी सदस्य खतरे से बाहर, घर भेजे गए |
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