
राजू अनेजा,काशीपुर।शहर का प्रमुख पौराणिक स्थल द्रोणा सागर इन दिनों मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वालों के लिए प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। परंतु सूरज ढलते ही उक्त परिसर में अंधेरा होने की वजह से यहां सैर करने आने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोगों ने केडीएफ के जरिये उक्त स्थल के चारों ओर सोलर लाइट लगाए जाने की मांग की है।
सुबह-शाम लगती है लोगों की भीड़
रोजाना सुबह-शाम यहां हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे वॉकिंग, योग और व्यायाम करते नजर आते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए यह स्थान अब शहर की सबसे पसंदीदा जगहों में शामिल हो चुका है।द्रोणा सागर परिसर में बने करीब 750 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रैक पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग टहलने पहुंचते हैं। यहां कई लोग नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं, वहीं बच्चों और युवाओं को तीरंदाजी सहित अन्य खेल गतिविधियों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे यह परिसर धीरे-धीरे शहर का फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
अंधेरे के कारण बढ़ रही दिक्कत
परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण भोर और शाम के समय अंधेरा छा जाता है। ऐसे में सैर करने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को अंधेरे में वॉकिंग करने में असुरक्षा का अहसास होता है। कई लोगों को समय से पहले ही वापस लौटना पड़ता है।
KDF ने उठाई सोलर लाइट लगाने की मांग
समस्या को देखते हुए काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (KDF) ने परिसर में सोलर लाइटें लगाने की मांग उठाई है। केडीएफ अध्यक्ष राजीव घई ने इस संबंध में कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर द्रोणा सागर परिसर में सोलर लाइट स्थापित कराने का अनुरोध किया है।
सोलर लाइट से मिलेगी राहत
केडीएफ का कहना है कि परिसर में सोलर लाइटें लगने से न केवल अंधेरे की समस्या दूर होगी बल्कि सैर करने आने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण भी मिलेगा। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल प्रकाश व्यवस्था होने से परिसर की सुंदरता भी बढ़ेगी। संगठन ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर जल्द कार्रवाई करेगा।
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