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रामनगर की सियासत में हलचल: पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी संजय नेगी ने मंच से की भाजपा विधायक की तारीफ, 2027 में दोबारा जीत का किया दावा

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रामनगर। रामनगर में आयोजित सरस मेले के समापन समारोह के दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वर्तमान ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के एक बयान ने क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज कर दी है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के बेहद करीबी माने जाने वाले संजय नेगी ने खुले मंच से क्षेत्रीय भाजपा विधायक दीवान सिंह बिष्ट की जमकर सराहना की। यही नहीं, उन्होंने सार्वजनिक रूप से 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दीवान सिंह बिष्ट के दोबारा विधायक बनने की बात कह दी, जिससे सियासी कयासबाज़ियों का दौर शुरू हो गया है।
‘विरोधियों को निशाना न बनाने की नीति से दीवान सिंह बिष्ट 3 बार बने विधायक’
मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए संजय नेगी ने कहा कि रामनगर की जनता पिछले 15 वर्षों से लगातार दीवान सिंह बिष्ट पर विश्वास जता रही है। उन्होंने कहा कि जो जनप्रतिनिधि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाकर राजनीति करता है, वह लंबे समय तक जनता का दिल नहीं जीत सकता। लेकिन दीवान सिंह बिष्ट ने कभी बदले की भावना से काम नहीं किया। इसी निष्पक्ष कार्यशैली की बदौलत वे तीन बार विधायक चुने गए हैं और आगे 2027 में भी वही चुनाव जीतकर फिर से विधायक बनेंगे।
हरीश रावत के नजदीकी नेता के बयान से कांग्रेस के अंदरूनी समीकरण गरमाए
संजय नेगी का यह बयान इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वे लंबे समय से हरीश रावत के मुख्य सिपहसालारों में गिने जाते रहे हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत लगातार कांग्रेस में संजय नेगी की पैरवी करते आए हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर पूर्व विधायक रणजीत रावत और उनके समर्थक नेगी की पार्टी में एंट्री का मुखर विरोध करते रहे हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में भी संजय नेगी की भूमिका को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सवाल उठते रहे हैं।
2027 से पहले नए सियासी समीकरण के संकेत?
सरस मेले के मंच से कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले नेता द्वारा भाजपा विधायक की इस प्रकार खुलकर तारीफ करने को जानकार केवल औपचारिकता नहीं मान रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रामनगर विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव से पहले किसी नए राजनीतिक समीकरण का संकेत हो सकता है। अब क्षेत्र में यह सवाल तेजी से तैर रहा है कि क्या संजय नेगी अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं या फिर यह बयान केवल एक मंचीय शिष्टाचार था।
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