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नैनीताल कोर्ट का सख्त फैसला: युवती से छेड़खानी करने वाले डंपर चालक को 2 साल की जेल

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नैनीताल की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए छेड़खानी के एक मामले में त्वरित और सख्त फैसला सुनाया है। रामगढ़ क्षेत्र में हुई इस घटना में दोषी डंपर चालक को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।

मामले का पूरा विवरण और कोर्ट का फैसला नीचे दिया गया है:

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की कोर्ट ने आरोपी चंदन सिंह डंगवाल को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की। यह मामला 19 सितंबर 2024 की एक घटना से जुड़ा है।

📌 घटना का संक्षिप्त विवरण

  • शिकायत: पीड़िता अपने पिता के साथ आधार कार्ड अपडेट कराने तल्ला रामगढ़ गई थी। लौटते समय डंपर (UK-04-CB 1049) के चालक चंदन सिंह ने सलिया के पास युवती को जबरन गाड़ी में बैठाया।

  • छेड़खानी व हिंसा: पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि चालक ने उसके साथ अभद्रता की और विरोध करने पर उसे चलते डंपर से नीचे धक्का दे दिया, जिससे वह चोटिल हो गई। आरोपी ने पीड़िता का मोबाइल भी पटक कर तोड़ दिया था।

  • पुलिस कार्रवाई: भवाली कोतवाली में मामला दर्ज होने के बाद सहायक अभियोजन अधिकारी सुमित कन्याल ने पीड़िता, उसके पिता और महिला उप निरीक्षकों सहित 7 गवाहों को पेश किया।


🏛️ कोर्ट का फैसला और दंड

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने निम्नलिखित आदेश दिए:

धारा (IPC) सजा का विवरण अर्थदंड (Fine)
धारा-354 2 साल का सश्रम कारावास (कठोर सजा) ₹10,000
  • अतिरिक्त सजा: जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

  • मुआवजा: कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया कि वह ‘उत्तराखंड राज्य पीड़ित योजना’ के तहत पीड़िता को उचित मुआवजा दिलाए।


🛡️ न्याय की जीत

अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्ड्स ने आरोपी के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें वह खुद को निर्दोष बता रहा था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले ऐसे अपराधों में नरमी नहीं बरती जा सकती।

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