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नैनीताल में अवैध निर्माण पर सख्ती: 100 वर्ग गज से छोटे भूखंडों की जाँच, 600 लोगों को नोटिस जारी

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नैनीताल: जिला विकास प्राधिकरण (DDA) ने नैनीताल जिले में गैरकानूनी निर्माण और अवैध रूप से खरीदे गए छोटे भूखंडों पर सख्ती बढ़ा दी है। प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ला ने जानकारी दी कि शासन के आदेश के बाद पिछले एक वर्ष के भीतर 100 वर्ग गज से छोटे भूखंडों की बड़े स्तर पर जाँच की गई है।


🔎 अवैध निर्माण पर अभियान

 

  • जांच का आधार: स्टाम्प पेपर पर हुई खरीद-फरोख्त की वैधता की जाँच के लिए यह विस्तृत सर्वे अभियान चलाया गया था।

  • सर्वे की सीमा: यह अभियान नैनीताल जिले के प्रमुख चार क्षेत्रों—नैनीताल, भीमताल, हल्द्वानी और रामनगर—में चलाया गया।

  • अनियमितता: इन क्षेत्रों में छोटे-छोटे भूखंडों पर तेजी से अनियमित निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

⚠️ जारी किए गए नोटिस और कानूनी कार्रवाई

 

DDA सचिव विजय नाथ शुक्ला के अनुसार, सर्वे अभियान के दौरान एक हज़ार से अधिक मकानों का विस्तृत सर्वे किया गया, जिसमें कई गड़बड़ियाँ सामने आईं।

  • कार्रवाई: 600 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से कई पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा चुकी है।

  • शासन का निर्देश: शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 100 वर्ग गज से कम क्षेत्रफल वाले प्लॉट की स्टाम्प पर खरीद-फरोख़्त मान्य नहीं है, और ऐसे मामलों में निर्माण कार्य भी अवैध श्रेणी में आता है।

🚨 प्राधिकरण की चेतावनी

 

जिला विकास प्राधिकरण ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि:

  • बिना स्वीकृत नक्शे, बिना वैध रजिस्ट्रेशन और बिना नियमन के की गई खरीद-फरोख़्त में संपत्ति मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

  • कई मामलों में निर्माण ध्वस्तीकरण तक की नौबत आ सकती है।

  • लोगों को भविष्य में ऐसे किसी भी लेन-देन से पहले नियमों की जानकारी लेने और वैध प्रक्रिया के तहत ही संपत्ति खरीदने की सलाह दी गई है।

प्राधिकरण ने बताया है कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। यह कार्रवाई सुव्यवस्थित विकास और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।

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