हिमालय प्रहरी

लालकुआं और हल्दूचौड़ में शराब माफिया पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; 4 दुकानों में पकड़ी गई ओवररेटिंग, बिलिंग मशीनें खराब और स्टॉक गायब, SDM ने भेजी सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट

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नैनीताल जिले के लालकुआं और हल्दूचौड़ क्षेत्र में शराब की दुकानों पर हो रही ‘ओवररेटिंग’ (तय मूल्य से अधिक दाम वसूलना) के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस अचानक छापेमारी में शराब की दुकानों पर न केवल लूट-खसोट, बल्कि भारी अनियमितताएं भी पाई गई हैं।

यहाँ इस प्रशासनिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण दिया गया है:

लालकुआं (9 अप्रैल 2026): जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के आदेश पर उपजिलाधिकारी (SDM) रेखा कोहली के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र की शराब की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। प्रशासन ने ‘डमी कस्टमर’ (फर्जी ग्राहक) भेजकर दुकानों की पोल खोली।

1. छापेमारी का तरीका: रंगे हाथों पकड़ी गई चोरी

एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि टीम ने सीधे छापेमारी करने के बजाय राजस्व कर्मियों और अन्य लोगों को सामान्य ग्राहक बनाकर दुकानों पर भेजा। जाँच में पाया गया कि चारों दुकानों पर शराब की बोतलों पर लिखे अंकित मूल्य (MRP) से कहीं ज्यादा पैसे वसूले जा रहे थे।

2. इन दुकानों पर हुई कार्रवाई

राजस्व टीम ने लालकुआं और हल्दूचौड़ की निम्नलिखित दुकानों पर छापा मारा:

  • विदेशी मदिरा: निर्मल उपाध्याय और सुरेश सिंह नेगी की दुकानें।

  • देशी मदिरा: हरिश्चंद्र तिवारी और कैलाश चंद्र पंत की दुकानें।

3. चौंकाने वाली अनियमितताएं: नियमों की उड़ी धज्जियां

जांच के दौरान ओवररेटिंग के अलावा कई अन्य गंभीर खामियां पाई गईं, जो विभाग की मिलीभगत या बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करती हैं:

  • खराब बिलिंग मशीनें: सभी दुकानों में बिलिंग मशीनें खराब मिलीं, ताकि ग्राहकों को रसीद न देनी पड़े।

  • अधूरा रिकॉर्ड: दुकानों में स्टॉक पंजिका (Stock Register) अपूर्ण थी और बिक्री पंजिका (Sales Register) मिली ही नहीं।

  • सत्यापन का अभाव: दुकानों पर कार्यरत कर्मियों का पुलिस सत्यापन भी नहीं पाया गया।

  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी: दुकानों के संचालन में आबकारी विभाग के कई नियमों का उल्लंघन होता मिला।

4. डीएम को भेजी गई कार्रवाई की संस्तुति

एसडीएम रेखा कोहली ने इन सभी चारों दुकानों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी है। उन्होंने दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने या भारी जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के शराब सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

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