देहरादून: देवभूमि के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज ‘दून राजकीय मेडिकल कॉलेज’ में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 9 सीनियर छात्रों के खिलाफ निष्कासन और जुर्माने की कठोर कार्रवाई की गई है।
👊 क्या थी घटना?
जांच कमेटी के अनुसार, यह घटना 12 जनवरी की है। हॉस्टल में 2023 और 2024 बैच के एमबीबीएस (MBBS) छात्रों ने दो जूनियर छात्रों के साथ मारपीट की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी-रैगिंग कमेटी ने इसकी विस्तृत जांच की और आरोपों को सही पाया।
⚖️ दोषियों पर की गई कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने भविष्य के लिए नजीर पेश करते हुए अलग-अलग स्तर पर दंड निर्धारित किए हैं:
1. दो मुख्य आरोपियों पर सबसे सख्त एक्शन:
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सस्पेंशन: 2 महीने के लिए क्लास से निलंबित।
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हॉस्टल व इंटर्नशिप: पूरे सत्र (Session) के लिए हॉस्टल और इंटर्नशिप प्रोग्राम से बाहर।
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जुर्माना: प्रति छात्र 50,000 रुपये का भारी जुर्माना।
2. सात अन्य सीनियर छात्र:
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एक महीने के लिए क्लास से सस्पेंड।
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तीन महीने के लिए हॉस्टल से निष्कासित।
🎤 मंत्री और प्राचार्य का कड़ा रुख
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने स्पष्ट किया कि दून मेडिकल कॉलेज एक ‘रैगिंग फ्री कैंपस’ है और अनुशासनहीनता के लिए यहां कोई जगह नहीं है।
वहीं, उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा— “मैंने प्राचार्य को ऐसी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जो भविष्य के लिए नजीर बने। मेडिकल जैसे पवित्र पेशे की पढ़ाई करने वाले छात्रों से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। कैंपस में ऐसी घटनाएं कतई बर्दाश्त नहीं होंगी।”
📋 जांच रिपोर्ट
एंटी-रैगिंग कमेटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से इन आदेशों को लागू कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने अन्य छात्रों को भी चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीन गतिविधि में संलिप्त न हों।
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