
तेज रफ्तार बाइक ने सब्जी के ठेले में मारी जोरदार टक्कर, 13 वर्षीय कपिल के पेट में घुसी लोहे की नुकीली चीज; आंतें बाहर आने से मची चीख-पुकार
राजू अनेजा,हल्द्वानी। कठघरिया इलाके में गुरुवार रात हुआ दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां छीन ले गया। हादसे में 13 वर्षीय मासूम कपिल की मौत हो गई। हादसे के बाद का मंजर इतना दर्दनाक था कि जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह रही कि घायल बच्चा अपने पिता की गोद में जिंदगी के लिए तड़पता रहा और आसपास जुटे लोगों में से कई मदद के लिए आगे आने के बजाय मोबाइल कैमरे से घटना का वीडियो बनाते रहे।
तेज रफ्तार बाइक ने ठेले को मारी टक्कर
गुरुवार रात हरिशंकर मौर्या अपने 13 वर्षीय बेटे कपिल के साथ सब्जी का ठेला लेकर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उनके ठेले में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिता-पुत्र सड़क पर जा गिरे। हादसे में कपिल गंभीर रूप से घायल हो गया।
पेट में घुसी लोहे की नुकीली चीज, बाहर आ गईं आंतें
गिरने के दौरान कपिल के पेट में लोहे की नुकीली चीज घुस गई। उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई और पेट से आंतें बाहर निकल आईं। मासूम दर्द से कराहता रहा। आसपास लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन पिता की नजर सिर्फ अपने बेटे पर थी।
बेटे को गोद में लेकर मदद के लिए गुहार लगाता रहा पिता
हरिशंकर खुद भी घायल थे, लेकिन बेटे की हालत देखकर अपना दर्द भूल गए। उन्होंने घायल कपिल को अपनी गोद में उठा लिया और लोगों से उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगते रहे। पिता की आंखों के सामने बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।
एक तरफ पिता बेटे को बचाने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगा रहा था, दूसरी तरफ मौके पर मौजूद लोग मोबाइल कैमरे में हादसे का मंजर कैद करते रहे। समय बीतता गया और कपिल की हालत बिगड़ती चली गई।
खुद जुटाया ऑटो, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जब कोई तत्काल मदद के लिए आगे नहीं आया तो हरिशंकर ने किसी तरह खुद ऑटो की व्यवस्था की। वह बेटे को लेकर डा. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने कपिल को मृत घोषित कर दिया।
जिस बेटे को कुछ देर पहले पिता अपनी गोद में लेकर मदद की तलाश कर रहा था, उसी बेटे की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।
बेटे की मौत, पिता भी घायल
हादसे में घायल हरिशंकर का उपचार भी डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा है। हरिशंकर मूलरूप से बरेली के फरीदपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में हल्द्वानी क्षेत्र में रह रहे हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
हादसे से बड़ा सवाल छोड़ गया यह मंजर
कठघरिया की इस घटना ने सड़क हादसों के दौरान मानवीय संवेदनाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाना और उसकी जान बचाने की कोशिश करना सबसे जरूरी होता है, लेकिन यहां मदद के लिए उठने वाले हाथों की जगह मोबाइल कैमरे उठते दिखाई दिए। एक पिता अपनी गोद में बेटे को बचाने के लिए तड़पता रहा और देखते-देखते मासूम की सांसें थम गईं।
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