
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाजपुर रोड पर जैतपुर फार्म के पास आम का कई एकड़ में आम का बाग स्थित है।आज सुबह जानवरों के लिए घास काटने बाग में आए स्थानीय लोगों ने एक बंदर के बच्चे को अपनी मां से लिपट कर रोते हुए देखा तो उन्हें आसपास और भी बंदर मृत अवस्था में मिले। गांव के लोगों ने उस बंदर के बच्चे को अपने घर ले गये। बाद आसपास के लोगों ने जब आम के बाग में आकर देखा तो और कई एकड़ में फैले आम के बाग में उन्हें जगह-जगह दुर्गंध आती दिखी जब उन जगहों को खोदकर देखा गया तो उन्हें गड्डे में दबे हुए अनेक बंदर मिले। बताया जा रहा है इस बाग के मालिक पीलीभीत में रहते हैं। बाग को बरेली के कुछ लोगों को ठेके पर दो साल पहले दे दिया गया था।
आसपास के रहने वाले स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 15 वर्षों से इस आम के बाग को मालिकों के द्वारा ठेके पर दिया जाता रहा है। स्थानीय लोगों ने आम के बाग में नुकसान से बचाव करने के लिए आम के बाग की रखवाली करने वालों ने जहर देकर बंदरों को मारने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने आम की रखवाली करने वाले सभी लोगों को मौके पर ही दबोच लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही आईटीआई थाना इंचार्ज आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आईटीआई थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें लोगों के द्वारा बताया गया कि बरेली के कुछ लोगों के द्वारा यह बाग ठेके पर लिया गया है और इन्हीं लोगों के द्वारा हो सकता है कि बंदरों को हानि पहुंचाई गई हो।
फिलहाल पुलिस ने बाग की रखवाली करने वाले सभी 5 से 7 लोगों को हिरासत में ले लिया है। जिनके साथ पूछताछ जारी है वही मृत बंदरों के शवों को कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदरों को जहर देकर मारने का मामला प्रकाश में आया तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल दर्जनों बंदरों की संदिग्ध अवस्था में मौत से लोग आहत दिखाई दे रहे हैं।
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