
राजू अनेजा, काशीपुर।काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने अपने कार्यकाल के मात्र एक वर्ष में जिस तेजी से जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई है, उसने उन्हें शहर की सियासत का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया है। हर गली, हर वर्ग और हर मुद्दे पर उनकी मौजूदगी ने लोगों के दिलों में जगह बना ली है। अब शहर में यह चर्चा आम हो चुकी है—“एक ही दिल है साहब, कितनी बार जीतोगे।”
सोशल मीडिया से जमीन तक एक्टिव—हर समस्या का समाधान बने बाली
दीपक बाली की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर भी उतनी ही सक्रियता से काम करते नजर आते हैं। सड़क, पानी, बिजली, आधार कार्ड, विधवा पेंशन, आयुष्मान योजना या फिर किसी जरूरतमंद की मदद—हर छोटे-बड़े मुद्दे पर वह तुरंत एक्शन लेते दिखाई देते हैं। यही कारण है कि आम जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे जनप्रतिनिधि की बन चुकी है, जो सुनता भी है और समाधान भी करता है।
निगम बना जनता दरबार—हर फरियादी को मिल रहा सहारा
नगर निगम में महापौर की मौजूदगी होते ही पूरा परिसर किसी जनता दरबार में तब्दील हो जाता है। दूर-दराज से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और मौके पर ही समाधान मिलने से संतुष्ट नजर आते हैं। यही वजह है कि लोगों के बीच यह धारणा मजबूत हुई है कि “बाली के दर से कोई खाली नहीं लौटता।”
धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में भी सबसे आगे
सिर्फ विकास कार्य ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी दीपक बाली की सक्रिय भागीदारी उन्हें हर वर्ग से जोड़ती है। वह हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, जिससे उनकी पहुंच समाज के हर तबके तक बनी हुई है।
रामनगर रोड बना बड़ी उपलब्धि—सीमा से बाहर जाकर भी दिलाया बजट
काशीपुर-रामनगर रोड, जो वर्षों से बदहाल स्थिति में थी, उसे लेकर महापौर बाली का प्रयास सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। अपने कार्यक्षेत्र से बाहर होने के बावजूद उन्होंने इस सड़क के लिए बजट पास करवाकर जनता को बड़ी राहत दी। यह काम अब शहर में उनकी कार्यक्षमता का प्रतीक बन चुका है और लोग इसे उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिन रहे हैं।
अब विधानसभा पर नजर? जनता के बीच तेज हुई चर्चा
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अब सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दीपक बाली का अगला कदम विधानसभा होगा। जनता के बीच भी उन्हें विधायक के रूप में देखने की चाहत खुलकर सामने आने लगी है।
क्या बोले बाली—फैसला हाईकमान पर
इस मुद्दे पर खुद दीपक बाली का कहना है कि यदि पार्टी और जनता का आदेश होगा तो वे पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, वह पूरी ताकत से उसे जिताने का काम करेंगे।
महापौर से आगे, अब बड़े चेहरे के रूप में उभरते बाली
महज एक साल में काम, व्यवहार और सक्रियता के दम पर दीपक बाली ने काशीपुर की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना ली है। अब वह सिर्फ महापौर नहीं, बल्कि एक मजबूत सियासी दावेदार के रूप में उभरते नजर आ रहे हैं—और यही वजह है कि उनकी चर्चा अब शहर से निकलकर बड़े मंच तक पहुंच रही है।
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