हिमालय प्रहरी

देहरादून में 125 किलोग्राम डायनामाइट के साथ तीन गिरफ्तार, बड़ी साजिश का पर्दाफाश!

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देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस को सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे किसी बड़ी साजिश का पर्दाफाश होने की आशंका है।


 

कैसे पकड़े गए आरोपी?

 

जानकारी के अनुसार, पुलिस चेकिंग के दौरान तीन लोगों को संदिग्ध हालत में पकड़ा। जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से पांच पेटियों में रखा हुआ 125 किलोग्राम डायनामाइट बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त इस विस्फोटक को बिना किसी अनुमति या वैध दस्तावेज के लेकर जा रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि उनका इरादा संदिग्ध था।


 

पुलिस की जांच जारी

 

फिलहाल, पुलिस तीनों अभियुक्तों से गहन पूछताछ कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह विस्फोटक कहाँ से लाया गया था और इसे कहाँ ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस कामयाबी को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम बताया है, क्योंकि यदि यह विस्फोटक समय रहते जब्त नहीं होता, तो किसी बड़ी घटना का खतरा हो सकता था। इस सफलता के बाद पुलिस ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस सामग्री के स्रोत और इसके पीछे के मकसद का पता लगाया जा सके।


 

125 किलोग्राम डायनामाइट से होने वाला संभावित नुकसान

 

125 किलोग्राम डायनामाइट का विस्फोट बहुत भयावह नुकसान कर सकता है। डायनामाइट एक शक्तिशाली विस्फोटक है जिसमें नाइट्रोग्लिसरीन होता है। इसका मतलब है कि 125 किलो डायनामाइट लगभग 156 किलो TNT के बराबर ऊर्जा पैदा कर सकता है।

इतनी मात्रा में विस्फोट से:

  • कई मीटर के दायरे में इमारतें, ईंट की दीवारें और खिड़कियां पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं।
  • इससे उड़ने वाले मलबे और शॉकवेव से गंभीर चोट या मौत हो सकती है।
  • खुले क्षेत्र में इसका घातक दायरा कई मीटर तक हो सकता है।
  • यह आसपास की संरचनाओं को अस्थिर कर सकता है, जिससे इमारतें ढह सकती हैं।

हालांकि, सटीक नुकसान का दायरा विस्फोट के स्थान, आसपास की संरचनाओं और सुरक्षा उपायों पर निर्भर करता है। इस भारी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी निश्चित रूप से एक बड़ी अनहोनी को टालने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।

इस घटना के बारे में आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में और सख्त कानून बनाने चाहिए?


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