
देहरादून, 17 जून 2026: राजधानी देहरादून के कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रमणि कॉलोनी में एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक २३ वर्षीय युवती ने पढ़ाई में अपेक्षित सफलता न मिलने से हताश होकर अपने घर के कमरे में आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की भनक लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर तत्काल पहुंची पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौके से पुलिस को एक भावुक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें मृतका ने माता-पिता से अपनी असफलता के लिए माफी मांगी है।
NEET परीक्षा में चयन न होने से डिप्रेशन में थी रिया
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चंद्रमणि कॉलोनी की रहने वाली २३ वर्षीय रिया कुमारी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही थी।
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लगातार विफलता से थी निराश: रिया चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए पहले भी नीट की कठिन परीक्षा दे चुकी थी। कड़ी मेहनत के बावजूद परीक्षा में चयन (Selection) न होने के कारण वह पिछले कुछ समय से अत्यधिक मानसिक तनाव और निराशा के दौर से गुजर रही थी।
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परिजनों के उड़े होश: बुधवार सुबह जब परिजन किसी काम से रिया के कमरे में गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने आनन-फानन में इस विडिंग हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
सुसाइड नोट बरामद: ‘पढ़ाई में सफलता नहीं मिलने पर उठाया कदम’
घटनास्थल पर पहुंचे पटेल नगर कोतवाली के उपनिरीक्षकों और फील्ड यूनिट ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को मृतका के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जो उसकी मानसिक वेदना को बयां कर रहा था।
“सुसाइड नोट में मृतका ने लिखा था— ‘मम्मी पापा आई लव यू, मैंने पढ़ाई में सफलता नहीं मिलने पर यह आत्मघाती कदम उठाया है।’ प्रथम दृष्टया यह अत्यधिक मानसिक दवाब और विफलता के अवसाद के कारण उठाया गया कदम प्रतीत हो रहा है।”
— पुलिस जांच रिपोर्ट
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा; अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी: सीओ अंकित कंडारी
मामले की प्रगति और प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर अंकित कंडारी ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया:
“युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलते ही कोतवाली पटेल नगर पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा था। घटनास्थल की विडिंग फोटोग्राफी और प्राथमिक पूछताछ पूरी करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की विधिक कार्रवाई के लिए मोर्चरी भिजवा दिया गया है। मौके से बरामद सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर लिखावट (Handwriting) के मिलान और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के संबंध में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”
इस दुखद घटना के बाद मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षाओं के परिणाम को जीवन का अंतिम सत्य न मानें। किसी भी प्रकार की विफलता या मानसिक तनाव होने पर अपने करीबियों, परामर्शदाताओं (Counselors) या हेल्पलाइनों से खुलकर बात करें, क्योंकि जीवन किसी भी परीक्षा या विडिंग परिणाम से कहीं अधिक मूल्यवान है।