गैरसैंण (9 मार्च 2026): चुनावी वर्ष की दहलीज पर खड़े उत्तराखंड के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10% बड़ा है और इसमें युवा, महिला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
1. बजट सत्र की शुरुआत और ‘इतिहास’
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अभिभाषण और बजट: सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से हुई। दोपहर 3:00 बजे के बाद मुख्यमंत्री धामी ने सदन के पटल पर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्यय (बजट) प्रस्तुत किया।
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अनोखा संयोग: उत्तराखंड के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल का अभिभाषण और बजट प्रस्तुतीकरण दोनों संपन्न हुए।
2. बजट के मुख्य आकर्षण (Key Highlights)
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कुल आकार: ₹1,11,703.21 करोड़।
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पहाड़ी अर्थव्यवस्था: बजट में ‘हनी प्रोडक्शन पॉलिसी 2026’ और ‘एडवांस्ड एप्पल नर्सरी स्कीम’ जैसी नई योजनाओं के जरिए बागवानी और कृषि को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
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शिक्षा और शोध: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के दायरे को बढ़ाकर इसमें 21 सहायता प्राप्त अशासकीय कॉलेजों को भी शामिल किया गया है।
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स्वच्छता और पर्यावरण: सभी 11 नगर निगमों में ‘पर्यावरण इंजीनियरों’ की नियुक्ति और हॉट मिक्स प्लांटों के लिए नई दूरी नीति को मंजूरी दी गई है।
3. विपक्ष का ‘हंगामा’ और प्रदर्शन
सत्र के पहले दिन विपक्ष (कांग्रेस) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सदन के द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया।
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मुद्दे: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, UKSSSC भर्ती घोटाला, बढ़ती महंगाई, महिलाओं पर अत्याचार और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
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नारेबाजी: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी विपक्षी सदस्यों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी की और सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया।
Snapshot: उत्तराखंड बजट 2026-27
| विवरण | जानकारी |
| कुल बजट राशि | ₹1,11,703.21 करोड़ |
| प्रस्तुतकर्ता | पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री) |
| वृद्धि | पिछले वर्ष से लगभग 10% अधिक |
| प्रमुख योजनाएं | शहद नीति, एप्पल नर्सरी योजना, बाल पलाश योजना |
| विपक्ष का विरोध | भर्ती घोटाले और कानून व्यवस्था पर प्रदर्शन |
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भराड़ीसैंण विधानसभा क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस ने महलचौरी और मालसी जैसे इलाकों में अस्थाई जेलें भी बनाई हैं।
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