भराड़ीसैंण (13 मार्च 2026): विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को प्रश्नकाल में अवैध खनन का मुद्दा केंद्र में रहा। कांग्रेस विधायक विरेंद्र कुमार और प्रीतम सिंह के सवालों पर सरकार ने अपनी उपलब्धियां रखीं, लेकिन विपक्ष ने भ्रष्टाचार और पर्यावरणीय क्षति का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।
1. खनन राजस्व में भारी उछाल
सरकार ने सदन पटल पर आंकड़े रखते हुए बताया कि राज्य में खनन क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व में पिछले तीन वर्षों में जबरदस्त वृद्धि हुई है:
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2024-25: ₹1040.57 करोड़ (पहली बार ₹1000 करोड़ के पार)
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2023-24: ₹645.46 करोड़
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2022-23: ₹472.32 करोड़
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वर्तमान स्थिति: राज्य में कुल 208 खनन पट्टे स्वीकृत हैं, जो 4366.376 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं।
2. अवैध खनन पर कार्रवाई का दावा
सरकार ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी पेश किया:
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वित्तीय वर्ष 2024-25: 2252 मामलों में ₹82.12 करोड़ की वसूली।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 (जनवरी तक): 1553 मामलों में ₹39.08 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार की बेहतर खनन नीति के कारण राज्य को पुरस्कार भी मिला है।
3. विपक्ष के तीखे सवाल और वॉकआउट
विपक्ष के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार के इन दावों को चुनौती दी:
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पूर्व सीएम और विधायकों के आरोप: प्रीतम सिंह ने याद दिलाया कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक अरविंद पांडेय खुद अवैध खनन का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने पूछा कि उन शिकायतों पर क्या जांच हुई?
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क्षति का दावा: सरकार ने कहा कि खनन से पुलों या कृषि भूमि को कोई नुकसान नहीं हुआ है, जिसे विपक्ष ने पूरी तरह ‘झूठ’ करार दिया।
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सांकेतिक बहिष्कार: सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदस्यों ने सदन से सांकेतिक वॉकआउट किया, हालांकि कुछ देर बाद वे कार्यवाही में शामिल होने लौट आए।
Snapshot: उत्तराखंड खनन रिपोर्ट (सदन में पेश आंकड़े)
| वित्तीय वर्ष | राजस्व (करोड़ रुपये में) | अवैध खनन पर वसूली (करोड़ में) |
| 2022-23 | 472.32 | – |
| 2023-24 | 645.46 | – |
| 2024-25 | 1040.57 | 82.12 |
| 2025-26 (जनवरी तक) | आंकड़े प्रगति पर | 39.08 |
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