देहरादून: उत्तराखंड में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जा निगम ने नए साल के पहले महीने (जनवरी) में ही महंगी बिजली का झटका दिया है। ऊर्जा निगम ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPC) की दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
जनवरी महीने में उपभोक्ताओं से सरचार्ज के रूप में 10 पैसे से लेकर 43 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त बिजली बिल वसूला जाएगा। चीफ इंजीनियर कमर्शियल एनएस बिष्ट की ओर से बढ़ी हुई दरों के आदेश जारी किए गए हैं।
📈 किस श्रेणी में कितना बढ़ा FPPC सरचार्ज
एफपीपीसीए की दरों में सबसे अधिक वृद्धि अस्थाई कनेक्शनों और सबसे कम वृद्धि बीपीएल श्रेणी में की गई है:
| उपभोक्ता श्रेणी | प्रति यूनिट अतिरिक्त भार |
| अस्थाई कनेक्शन (निर्माण) | 43 पैसे |
| कमर्शियल | 40 पैसे |
| सरकारी संस्थान | 38 पैसे |
| एलटी और एचटी इंडस्ट्री | 38 पैसे |
| मिक्सड लोड, रेलवे, EV चार्जिंग स्टेशन | 35 पैसे |
| घरेलू श्रेणी | 28 पैसे |
| कृषि आधारित (75 किलोवाट से ऊपर) | 20 पैसे |
| कृषि आधारित (25 से 75 किलोवाट) | 19 पैसे |
| कृषि आधारित (25 किलोवाट तक) | 17 पैसे |
| निजी ट्यूबवेल | 12 पैसे |
| बीपीएल और स्नो बाउंड क्षेत्र | 10 पैसे (सबसे कम वृद्धि) |
📊 साल 2025 का लेखा-जोखा: 9 बार महंगी हुई बिजली
एफपीपीसीए को हर महीने वसूले जाने की व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं पर लगातार भार पड़ रहा है। पिछले साल (जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच) की स्थिति यह रही:
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बिजली महंगी हुई: 9 महीने
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बिजली सस्ती हुई: सिर्फ 3 बार
पिछला साल:
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सबसे अधिक सस्ती: जुलाई में 24 पैसे से 100 पैसे प्रति यूनिट तक।
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सबसे अधिक महंगी (जुलाई के अलावा): जून में 17 पैसे से 71 पैसे प्रति यूनिट तक।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ताओं पर लगातार अतिरिक्त आर्थिक भार डाला जा रहा है।
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