
देहरादून। चुनावी मुहाने पर खड़े उत्तराखंड में धामी सरकार ने विधानसभा के पटल पर करीब 7,400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश कर दिया है। सरकार के इस अनुपूरक बजट का मुख्य ढांचा और प्राथमिकताएं ‘GYAN’ यानी गरीब (G), युवा (Y), अन्नदाता (A) और नारी शक्ति (N) के सर्वांगीण विकास पर पूरी तरह केंद्रित रही हैं।
इस बजट के माध्यम से जहाँ एक ओर गरीबों के लिए पेंशन और मुफ़्त इलाज का प्रविधान किया गया है, वहीं युवाओं की बेहतर शिक्षा व खेल सुविधाओं, किसानों की फसल खरीद तथा महिलाओं के पोषण व सशक्तिकरण के लिए करोड़ों का बजट आवंटित किया गया है।
‘GYAN’ पर आधारित बजट का मुख्य आवंटन
सरकार ने अनुपूरक बजट में समाज के प्रमुख वर्गों के लिए दिल खोलकर वित्तीय प्रविधान किए हैं:
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अन्नदाता (किसान): 1,244 करोड़ रुपये
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युवा वर्ग (शिक्षा व खेल): 278 करोड़ रुपये
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गरीब कल्याण (पेंशन व स्वास्थ्य): 220 करोड़ रुपये
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नारी शक्ति (महिला व बाल विकास): 117 करोड़ रुपये
G – गरीबों को मिली पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा की सौगात
गरीब और वंचित वर्ग के सामाजिक व आर्थिक संबल के लिए बजट में 220 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अंतर्गत:
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कल्याणकारी पेंशन योजनाएं: 93 करोड़ रुपये
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निराश्रित विधवा पेंशन: 27 करोड़ रुपये
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अटल आयुष्मान योजना (स्वास्थ्य सुरक्षा): 100 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
Y – युवाओं की डिजिटल पढ़ाई और खेल सुविधाओं का इंतजाम
प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए 278 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है:
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डिजिटल लर्निंग: 200 करोड़ रुपये
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग: 5 करोड़ रुपये
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उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय निर्माण: 35 करोड़ रुपये
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राष्ट्रीय खेल पूर्व प्रशिक्षण शिविर: 8 करोड़ रुपये
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इसके अलावा ओपन जिम, खिलाड़ी छात्रवृत्ति, विद्यालयी छात्रवृत्ति और पदक विजेता खिलाड़ियों के पुरस्कारों के लिए भी पर्याप्त धनराशि का प्रविधान किया गया है।
A – अन्नदाता (किसानों) पर मेहरबान हुई सरकार
बजट में सबसे बड़ा हिस्सा किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए दिया गया है:
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अन्नपूर्ति योजना (धान-गेहूं खरीद): 1,100 करोड़ रुपये
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जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना: 70 करोड़ रुपये
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सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना: 35 करोड़ रुपये
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सहकारिता किसान कल्याण योजना: 20 करोड़ रुपये
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अन्य मद: किसान पेंशन, गोसदन और मौनपालन (मधुमक्खी पालन) नीति समेत संबंधित अन्य मदों के लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
N – नारी शक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
प्रदेश की महिलाओं और बाल विकास योजनाओं के लिए 117 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं:
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सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण अभियान: 60 करोड़ रुपये
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विधवा पेंशन: 27 करोड़ रुपये
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भोजन माताओं का मानदेय: 20 करोड़ रुपये
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चंपावत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण: 10 करोड़ रुपये
कुल मिलाकर, धामी सरकार ने अपने इस अनुपूरक बजट के माध्यम से समाज के हर तबके को साधने और प्रदेश में विकास कार्यों को नई रफ्तार देने का बड़ा खाका खींचा है।
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