देहरादून: राजधानी के पॉश इलाके में हुए कर्नल पुत्र अर्जुन शर्मा हत्याकांड ने अब एक नया और अजीबोगरीब कानूनी मोड़ ले लिया है। अपने ही बेटे के कत्ल की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद माँ, बीना शर्मा, अब सलाखों के पीछे से ‘अमरदीप गैस एजेंसी’ का संचालन कर रही हैं। करोड़ों की संपत्ति और पैसों के लालच ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि अब कानूनी व्यवस्था के सामने भी एक अनोखी स्थिति पैदा कर दी है।
जेल मैनुअल और हस्ताक्षर का खेल
सूत्रों के अनुसार, चूँकि गैस एजेंसी का स्वामित्व और वित्तीय अधिकार कानूनी रूप से बीना शर्मा के पास हैं, इसलिए एजेंसी के दैनिक वित्तीय कार्यों और चेक पर हस्ताक्षर वही कर रही हैं।
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जेलर की मुहर: जेल मैनुअल के तहत, बीना शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित हर चेक और दस्तावेज़ पर जेलर की विशेष टिप्पणी और मुहर अनिवार्य है।
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बैंक का रुख: बिना जेल प्रशासन के सत्यापन के बैंक कोई भी लेनदेन स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हत्या की आरोपी माँ द्वारा जेल से व्यापार चलाने की यह व्यवस्था शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हत्याकांड की खौफनाक साजिश
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11 फरवरी की सुबह: परेड ग्राउंड में टेनिस खेलकर लौट रहे अर्जुन शर्मा की तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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14 करोड़ का विवाद: जांच में पता चला कि 14 करोड़ रुपये की एक जमीन के सौदे को लेकर अर्जुन का अपनी मां से विवाद था। अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने इस पर कोर्ट से ‘स्टे’ ले लिया था, जिससे सौदा रुक गया था।
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किराए के शूटर: पुलिस के अनुसार, मां ने ही अपने बेटे को रास्ते से हटाने के लिए ड्राइवर पंकज राणा और उसके भाई को सुपारी दी थी। 3 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे और कुल 12 लाख में सौदा तय हुआ था।
गम और साजिश का संगम: तेरहवीं का मंजर
बीते रविवार को अर्जुन की तेरहवीं पर एक अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला। हत्या की मुख्य साजिशकर्ता मां बीना शर्मा को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए घर लाया गया। जिस घर में उन्होंने बेटे की मौत की पटकथा लिखी थी, उसी घर में वे उसकी आत्मा की शांति के अनुष्ठान में मौजूद रहीं। अगले ही दिन, पत्नी अभिलाषा ने हरिद्वार पहुँचकर नम आंखों से पति की अस्थियां गंगा में विसर्जित कीं।
केस प्रोफाइल (Summary)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| मृतक | अर्जुन शर्मा (कर्नल के बेटे) |
| मुख्य आरोपी | बीना शर्मा (सगी माँ) |
| हत्या का कारण | 14 करोड़ की संपत्ति और गैस एजेंसी का स्वामित्व |
| शूटर | पंकज राणा और उसका भाई (मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार) |
| वर्तमान स्थिति | माँ जेल में, वहीं से एजेंसी के चेक साइन कर रही हैं |
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