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उत्तराखंड: इस बार तबादला सीजन पर ‘ब्रेक’, 45 हजार कर्मचारियों के नहीं होंगे ट्रांसफर; जानें क्या है बड़ी वजह

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देहरादून: उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष के साथ शुरू होने वाले तबादला सीजन में इस बार सन्नाटा पसरा रह सकता है। राज्य के लगभग 45,000 कर्मचारियों के तबादले इस साल टलने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों को देखते हुए राज्य सरकार से इस संबंध में विशेष अनुरोध किया है।

क्यों नहीं होंगे तबादले?

राज्य में इस वर्ष दो बड़ी प्रक्रियाएं एक साथ शुरू होने जा रही हैं, जिनमें भारी संख्या में सरकारी कार्यबल की आवश्यकता है:

  1. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR): अप्रैल महीने से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के लिए करीब 12,000 कर्मचारियों (मुख्यतः बीएलओ, शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री) की जरूरत है।

  2. जनगणना (Census): मकान सूचीकरण और गणना के पहले चरण के लिए निदेशालय को लगभग 34,000 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।

तबादलों से बढ़ सकती है मुश्किल

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का मानना है कि प्री-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 12 हजार बीएलओ को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। यदि इस बीच उनके तबादले कर दिए जाते हैं, तो नए कर्मचारियों को शून्य से ट्रेनिंग देना और पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।

मुख्य सचिव की बैठक में रखा गया प्रस्ताव

जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई ‘स्टेट लेवल एंपावर्ड कमेटी’ की बैठक में गृह मंत्रालय का यह अनुरोध रखा है।

  • जनगणना का संभावित समय: 25 अप्रैल से 24 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य प्रस्तावित है।

  • स्नोबाउंड क्षेत्र: सितंबर महीने में बर्फबारी वाले क्षेत्रों में भी जनगणना होनी है, जिसके लिए अनुभवी टीम की जरूरत होगी।

किन्हें मिलेगी राहत या पाबंदी?

तबादलों पर यह रोक मुख्य रूप से उन कर्मचारियों पर लागू होगी जिनकी ड्यूटी सीधे तौर पर जनगणना और निर्वाचन संबंधी पुनरीक्षण कार्यों में लगाई गई है। राज्य के कुल 11,733 पोलिंग बूथों पर तैनात बीएलओ इस निर्णय से सीधे प्रभावित होंगे।


महत्वपूर्ण आंकड़े (Quick Facts)

कार्य का प्रकार आवश्यक कर्मचारियों की संख्या संभावित समय
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) लगभग 12,000 अप्रैल से शुरू
जनगणना (पहला चरण) लगभग 34,000 25 अप्रैल – 24 मई
कुल प्रभावित कर्मचारी लगभग 45,000
कुल पोलिंग बूथ 11,733

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