देहरादून। सामाजिक सुधारों और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए धामी सरकार एवं उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश वक्फ बोर्ड अब तीन तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों से पीड़ित, बेघर व बेसहारा मुस्लिम महिलाओं को मुफ्त आवास (छत) उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने जानकारी देते हुए बताया कि वक्फ की संपत्तियां मूल रूप से गरीबों, यतीमों और बेवाओं का हक थीं, जिन पर लंबे समय से रसूखदारों का कब्जा था। केंद्र सरकार के ‘वक्फ संशोधन विधेयक’ के तहत अब इन संपत्तियों का सीधा लाभ समाज के सबसे पीड़ित और जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। आगामी माह के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दी जाएगी।
वक्फ संपत्तियों से हटेगा अवैध कब्जा; भू-माफियाओं से मुक्त कराकर जुटाई जाएगी धनराशि
बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में वक्फ संपत्तियों पर काबिज भू-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ जल्द ही बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया जाएगा। अवैध कब्जों को मुक्त कराकर जो भी आय और संसाधन जुटाए जाएंगे, उनका शत-प्रतिशत इस्तेमाल पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास, मुफ्त आवास की व्यवस्था और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पति द्वारा अचानक घर से निकाली गई महिलाओं को अक्सर न तो मायके और न ससुराल से आर्थिक मदद मिलती है; ऐसे में वक्फ बोर्ड का यह कदम पीड़ित बहनों और उनके मासूम बच्चों के लिए एक मजबूत और स्थाई सहारा बनेगा।