हिमालय प्रहरी

मामूली कहासुनी पर ग्राम प्रधान की दबंगई! युवक से मारपीट, जातिसूचक शब्दों के साथ जान से मारने की धमकी का आरोप; कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े ग्रामीण

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राजू अनेजा, काशीपुर। निकटवर्ती क्षेत्र गिन्नीखेड़ा गांव में गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद  तूल पकड़ गया। ग्राम प्रधान जसपाल सिंह और उसके साथियों पर एक ग्रामीण ने मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग देर रात आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चौकी पहुंचे और आरोपी ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

 

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, शिकायतकर्ता केशव कुमार ने बताया कि 6 सितंबर की रात करीब 9:40 बजे वह अपने रिश्तेदारों को छोड़कर घर लौट रहा था। इसी दौरान गिन्नीखेड़ा क्षेत्र में ग्राम प्रधान जसपाल सिंह और उसके साथियों ने उसे कथित रूप से घेर लिया। आरोप है कि उसके साथ हाथापाई और मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

 

ग्रामीण बोले—पहले भी कई लोगों से हो चुका है विवाद

उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान जसपाल सिंह का इससे पहले भी कई ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और मारपीट को लेकर विवाद हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कथित दबंगई के चलते गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर विरोध करने से भी कतराते हैं।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान राजनीतिक पहुंच और दबदबे की बात कहते हुए ग्रामीणों पर कथित रूप से दबाव बनाता है। शिकायतकर्ता ने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

 

रात में चौकी पर जुटी भीड़, गिरफ्तारी की मांग

मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण देर रात चौकी पहुंच गए और आरोपी ग्राम प्रधान व उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग उठाई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तहरीर लेकर पीड़ित का मेडिकल करवाया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
चौकी इंचार्ज विक्रम धामी ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित पक्षों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्राम प्रधान व अन्य आरोपियों पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता और ग्रामीणों के आरोप हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

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