नैनीताल: उत्तराखंड में जंगली जानवरों, खासकर गुलदार (तेंदुए) और भालुओं का आतंक लगातार जारी है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ताजा मामला नैनीताल जिले के धारी तहसील क्षेत्र का है।
⚠️ हमले का विवरण
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घटना: शुक्रवार, 26 दिसंबर की सुबह।
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पीड़ित: हेमा देवी पत्नी गोपाल सिंह, निवासी ग्राम पंचायत दीनी तल्ली तोक धुरा।
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घटनाक्रम: हेमा देवी सुबह मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल की ओर जा रही थीं। घर के नजदीक घात लगाए बैठे गुलदार (तेंदुए) ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
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संघर्ष: बताया जा रहा है कि महिला ने सबसे पहले गुलदार को देखा और शोर मचाकर उस पर पत्थर बरसाए। इसके बावजूद गुलदार ने उन्हें नहीं छोड़ा और घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
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परिणाम: सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे और जंगल में तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद ग्रामीणों को जंगल में हेमा देवी का शव मिला।
📢 आक्रोश और मांग
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इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
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ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
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स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को वन विभाग से उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
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मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुँची और आगे की कार्रवाई शुरू की।
🐻 अन्य जिलों में भी आतंक
उत्तराखंड के अन्य हिस्सों में भी वन्यजीवों का आतंक बना हुआ है:
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पौड़ी गढ़वाल: गुलदार द्वारा कई लोगों का शिकार किए जाने के कारण यहाँ भी लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
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चमोली (पोखरी ब्लॉक): भालुओं के आतंक से लोग डरे हुए हैं। बीते दिनों तीन अलग-अलग घटनाओं में भालुओं ने तीन स्कूली बच्चों पर हमला किया है।
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