
प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखण्ड द्वारा प्रकरण में जीरो टोलरेंन्स की नीति अपनाते हुए आन्तरिक परिवाद समिति एवं निदेशक, कॉर्बेट टाईगर रिजर्व, रामनगर द्वारा श्री अजय कुमार ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर, उन्हें उत्तरांचल राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित किये जाने का प्रस्ताव संस्तुति सहित प्रेषित किया गया है।
अतः उत्तरांचल सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के नियम 4(1) के अन्तर्गत श्री अजय कुमार ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है।
2निलम्बन की अवधि में श्री अजय कुमार ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर मंहगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा मंहगाई भत्ते का उपांतिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।
3- उपर्युक्त प्रस्तर 2 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जबकि अजय कुमार ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे हैं।
निलम्बन अवधि में अजय कुमार ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैन्सडौन के कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे।
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