उत्तराखंड में भी 5जी नेटवर्क की तैयारी शुरू हो गई है, जिसके बाद मोबाइल कनेक्टिविटी पहले से भी बेहतर हो जाएगी। आईटीडीए ने सभी टेलीकॉम प्रोवाइडर संग बैठक में 5जी नेटवर्क पर काम शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
आईटीडीए के अपर निदेशक गिरीश गुणवंत ने उत्तराखंड के टेलीकॉम प्रोवाइडर के साथ 5जी नेटवर्क के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि देश के चुनिंदा शहरों में 5जी की सेवा जल्द शुरू हो सकती है, उत्तराखंड में दूसरे चरण में यह सेवा उपलब्ध होगी। इसके लिए यहां पर करीब 1200 मोबाइल टावर लगाए जाने हैं।
इस दौरान तय किया गया कि उत्तराखंड सरकार भी जल्द केंद्र सरकार से जारी 5जी गाइडलाइन के मुताबिक, अपनी वर्ष 2018 की पॉलिसी में बदलाव करेगी। इस बैठक में वरिष्ठ सलाहकार आलोक तोमर के साथ ही टेलीकॉम कंपनियों से धनंजय सिंह, दीपक पाल सिंह एवं प्रकाश चंद्र वशिष्ठ शामिल हुए। 3739 गांवों में अभी सिर्फ 3जी सेवा : उत्तराखंड के 15 हजार में से 700 गांवों में अभी कोई भी मोबाइल नेटवर्क नहीं है। 3739 गांव अभी 2जी या 3जी से ही काम चला रहे हैं। इस कारण 5जी नेटवर्क उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है।
आईटीडीए के वरिष्ठ सलाहकार आलोक तोमर ने बताया, 5जी में यूजर को ज्यादा स्पीड और फ्लेक्सिबिलिटी देखने को मिलेगी। इसकी स्पीड 20 जीबीपीएस तक है। 5जी एक तरह से मौजूदा नेटवर्क से भी 100 गुना ज्यादा ट्रैफिक देता है। इसके आने के बाद ड्राइवरलैस कार, हेल्थकेयर, वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
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