
गलत-मिथ्या आपत्तियों की शिकायत पर जिलाधिकारियों को जांच के आदेश, नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश
राजू अनेजा,काशीपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के दौरान फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर गलत, मिथ्या, फर्जी एवं बेनामी आपत्तियां दर्ज कराने की शिकायत सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के कार्यालय ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला काशीपुर निवासी अधिवक्ता, सूचना अधिकार एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता नदिम उद्दीन की ओर से उठाया गया है। उन्होंने 18 अगस्त 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजकर SIR-2026 में फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग के संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में गलत, मिथ्या, फर्जी और बेनामी आपत्तियां लगाए जाने की बात उठाते हुए समस्या के समाधान के लिए कानूनी सुझाव भी दिए गए थे।
शिकायत पहुंची तो निर्वाचन विभाग हुआ सक्रिय
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड के कार्यालय से 20 अगस्त 2026 को जारी पत्र में संबंधित अधिकारियों को शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
तीन बड़े प्रावधानों का कड़ाई से पालन
निर्वाचन विभाग ने मामले में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 तथा Manual on Electoral Rolls-2023 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई और अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इसका उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में प्राप्त आपत्तियों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण और सत्यापन सुनिश्चित करना है।
फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर उठे सवाल
SIR के दौरान मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों को लेकर फॉर्म-7 महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में इसके कथित दुरुपयोग से गलत या फर्जी आपत्तियां दाखिल किए जाने की शिकायत ने निर्वाचन प्रक्रिया में आपत्तियों के सत्यापन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
शिकायतकर्ता ने इसी समस्या को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से हस्तक्षेप और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया था। इसके बाद अब संबंधित अधिकारियों को शिकायत के बिंदुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊधम सिंह नगर समेत छह जिलों को पत्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र की प्रतियां हरिद्वार, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।
अब जांच में सामने आएगा सच
निर्वाचन विभाग के निर्देश के बाद शिकायत में उठाए गए आरोपों और बिंदुओं का संबंधित स्तर पर परीक्षण किया जाना है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि जांच में फॉर्म-7 से जुड़ी आपत्तियों में कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है या नहीं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
फिलहाल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने शिकायत को संबंधित जिलों तक पहुंचाकर उसके बिंदुओं की जांच और निर्वाचन नियमों के कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
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