उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बहुत सी ऐसी सम्पत्तियां थीं जिनको लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद था। अब सभी को हल कर लिया गया है। अलकनंदा होटल उत्तराखंड सरकार को दे दिया और भागीरथी होटल यूपी सरकार को मिल चुका है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों का 21 साल पुराना विवाद आखिरखार सुलझा लिया गया है। इस बात की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त प्रेसवार्ता करके दी। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि परिसंपत्तियों का मामला निपटा लिया गया। 20 मिनट में परिसंपत्ति का हल निकल गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में उत्तर प्रदेश के भागीरथी पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण किया। 2964 वर्ग मीटर में 43.26 करोड़ की लागत से बने पर्यटक आवास गृह में 100 कमरे हैं। साथ ही, योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार में 1967 से चल रहे उत्तर प्रदेश के स्वामित्व वाले 39 कमरों के होटल अलकनंदा की चाबी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।
अलकनंदा होटल उत्तराखंड सरकार को दे दिया और भागीरथी होटल यूपी सरकार को मिल चुका है। दोनों राज्यों के बीच बहुत सी ऐसी सम्पत्तियां थीं जिनको लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद था। उन्हीं में से एक होटल अलकनंदा था। 21 साल बाद अलकनंदा उत्तराखंड को मिली तो यूपी के हिस्से आयी भागीरथी।
गुरुवार को हरिद्वार में अलकनंदा होटल की चाबी सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोनों राज्यों के कई मुद्दे नौकरशाही व कोर्ट के चक्कर में हल नहीं हो पा रहे थे। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने 21 साल से लंबित मसलों का राजनीतिक समाधान निकाला। आज दोनों राज्यों की परिसम्पत्तियों से जुड़े मामले हल हो रहे हैं।
अभी तक यूपी पर्यटन निगम मुनाफे में चल रहे अलकनंदा पर्यटक आवास गृह का संचालन कर रहा था। लेकिन अब यह उत्तराखंड के लिए आर्थिक संसाधन जुटाएगा। अलकनन्दा होटल के बदले उत्तराखंड सरकार की ओर से दी गयी जमीन पर बने भागीरथी पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण किया गया है। यह आवास गृह उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकार में रहेगा।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड ने जिस तरीके से 21 साल पुराने मसले सुलझाए वह अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संकीर्णता व मतभेदों से ऊपर उठकर व्यवहारिक धरातल पर कार्य करने होंगे। संवाद के जरिये समस्याएं निपटानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भागीरथी व अलकनंदा के मिलन के बाद गंगा की विकास यात्रा निकलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी की एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के तहत ही समस्याओं।का समाधान किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि इससे पूर्व यूपी व उत्तराखंड में अलग अलग सरकारें होने की वजह से परिसम्पत्तियों का मसला लटका हुआ था। लेकिन डबल इंजन की सरकार आते ही तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व उन्होंने समस्याओं पर आधिकारिक स्तर की वार्ता शुरू की। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सहज, सरल व सकारात्मक रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के एक हफ्ते के अंदर सुप्रीम कोर्ट की परिसम्पत्तियों के मुद्दे पर आयी सख्त टिप्पणी के बाद उन्होंने व उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बातचीत के जरिये हल निकालने की कोशिश की।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। लाखों श्रद्धालु आएंगे। उत्तराखंड को स्वंय को बेहतर मेजबान साबित करना है। योगी ने कहा कि हरिद्वार, ऋषिकेश व आस पास के इलाके में साल भर श्रद्धालु आते हैं। यहां पर्यटन की बहुत संभावना है। इसके लिए भौतिक संसाधन भी जरूरी है।
प्रेस वार्ता में दोनों सीएम ने एक दूसरे का धन्यवाद किया। सीएम धामी ने कहा कि नवंबर 2021 में सीएम योगी के साथ हुई बैठक में 95 प्रतिशत मसले हल कर लिए गए थे। नानकमत्ता, गंगनहर व किच्छा बैराज में अब वाटर स्पोर्ट्स होंगे। ट्रिपल इंजन की सरकार में सभी काम तेजी से हो रहे हैं। रोडवेज, वन निगम व सिंचाई से जुड़े मामले हल किये जा चुके हैं ।
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