भारत के कोने-कोने में कई प्राचीनकाल की कई रहस्यमी चीजें छिपी हुई हैं, जो आए दिन खोजों के माध्यम से हमारे सामने आती हैं। ऐसी ही एक खोज ने इन दिनों लोगों को हैरान कर दिया है। दरअसल उत्तराखंड के गंगोलीहाट में एक बेहद विशाल गुफा मिली है। इस गुफा को काफी पुराना भी बताया जा रहा है। यही नहीं इस गुफा के अंदर का नजारा और चौंकाने वाला है। इस गुफा के अंदर एक शिवलिंग है, जिस पर अब भी अपने आप पानी की बूंदें टपक रही हैं। इस नजारे को जिसने देखा वो दंग रह गया। बताया जा रहा है कि, यह गुफा 8 तल की है और इसमें कई पौराणिक चित्र भी उभरे हुए मिले हैं।
पाताल भुवनेश्वर से बड़ी है गुफा
उत्तराखंड में मिली इस गुफा को लेकर ये दावा किया जा रहा है कि, ये मशहूर पाताल भुवनेश्वर गुफा से भी विशाल है। यही नहीं इस गुफा के अंदर शिवलिंग भी मिला है और चौंकाने वाली बात यह है कि इस शिवलिंग पर चट्टानों से पानी भी गिर रहा है। गुफा की विशालता के साथ शिवलिंग पर गिर रहे पानी ने इस जगह को चर्चा में ला दिया है।
इसलिए है रहस्यमी गुफा
इसे रहस्यमी गुफा इसलिए कहा जा रहा है कि, क्योंकि इतनी पुरानी होने के बाद भी यहां शिवलिंग पर अपने आप चट्टानों के जरिए पानी टपक रहा है। इस मैकेनिज्म को फिलहाल कोई समझ नहीं पाया है।
युवाओं ने खोजी यह रहस्यमयी गुफा
शैल पर्वत क्षेत्र की गुफाओं वाली घाटी गंगोलीहाट में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ हाटकालिका मंदिर से करीब एक किमी दूर मिली इस गुफा को 4 युवाओं ने खोजा है।
गंगोलीहाट के गंगावली वंडर्स ग्रुप के सुरेंद्र सिंह बिष्ट, ऋषभ रावल, भूपेश पंत और पप्पू रावल जब इस गुफा में पहुंचे तो इसके विशालकाय आकार को देखकर दंग रह गए।
गुफा में उभरे हैं शेषनाग के चित्र
इस गुफा को महाकालेश्वर नाम दिया गया है। इस गुफा में भी चट्टानों पर पौराणिक आकृतियां उभरी हुई हैं। यहां शेषनाग समेत अनेक देवी-देवताओं के चित्र भी उभरे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि गुफा के अंदर बने शिवलिंग की आकृति पर चट्टान से पानी गिर रहा है।
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