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चुनावी रण से पहले कमिश्नर के दरबार में भिड़े शिव और ठुकराल

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सियासी तल्खी ने बैठक का माहौल किया गर्म, दोनों नेताओं में तीखी नोकझोंक के बाद

 

राजू अनेजा, रुद्रपुर। चुनावी रण में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन रुद्रपुर की सियासत में पारा चढ़ने लगा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आमने-सामने रहे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और मौजूदा विधायक शिव अरोड़ा सोमवार को एक बार फिर आमने-सामने आ गए। फर्क सिर्फ इतना था कि इस बार मैदान चुनावी नहीं, बल्कि कुमाऊं कमिश्नर के दरबार का था।

मामला एसआईआर को लेकर आपत्तियों के निस्तारण से जुड़ा था। इसी सिलसिले में जिलाधिकारी कार्यालय में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में भाजपा और कांग्रेस की ओर से आपत्तियों को लेकर अपनी-अपनी दलीलें रखी जा रही थीं। शुरुआत में मामला सामान्य रहा, लेकिन जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ी, सियासी तापमान भी बढ़ता चला गया।

मारपीट तक पहुंची नौबत; कमिश्नर को खुद खड़े होकर कराना पड़ा शांत

देखते ही देखते पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और विधायक शिव अरोड़ा के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों एक-दूसरे पर जमकर हमलावर नजर आए। बात इतनी बढ़ी कि मारपीट तक की नौबत आ गई। बैठक में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन माहौल गर्माता देख कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को खुद खड़ा होकर दोनों नेताओं को शांत कराना पड़ा।

 

2022 की चुनावी तल्खी फिर सतह पर!

राजकुमार ठुकराल और शिव अरोड़ा के बीच सियासी प्रतिद्वंद्विता नई नहीं है। वर्ष 2022 में शिव अरोड़ा को भाजपा का टिकट मिलने के बाद ठुकराल ने पार्टी से अलग राह पकड़ी थी और चुनावी मैदान में दोनों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। चुनाव के बाद भले ही परिस्थितियां बदल गईं, लेकिन दोनों खेमों के बीच सियासी खींचतान समय-समय पर सामने आती रही है।

अब आगामी चुनावी माहौल बनने से पहले कमिश्नर की बैठक में दोनों नेताओं का आमना-सामना होना रुद्रपुर की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

 

बैठक थी एसआईआर पर, चर्चा शुरू हुई सियासी ‘वार’ पर

बैठक का एजेंडा भले ही एसआईआर से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण था, लेकिन बाहर निकलते-निकलते यह बैठक रुद्रपुर की सियासी गर्मी का नया अध्याय बन गई। सवाल अब यह भी उठ रहा है कि जब चुनावी बिगुल पूरी तरह बजने में अभी वक्त है, तो नेताओं के बीच इतना उबाल क्यों?

फिलहाल बैठक में हुए इस हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने साफ संकेत दे दिए हैं कि रुद्रपुर में चुनावी रण भले दूर हो, लेकिन सियासी मुकाबले की तलवारें अभी से खिंच चुकी हैं।

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